मानसून की पहली बारिश में शहर लबालब
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सुबह से लेकर शाम तक बुधवार को हुई बारिश से जहां शहर-गांव जलमग्न हो गए। वहीं किसानों के लिए पानी वरदान बनकर बरसा। खेतों में धान की रोपाई का कार्य जोरों पर है। इस बारिश से किसानों को बड़ी मदद मिलेगी। बारिश के साथ ही बिजली विभाग ही नहीं लोगों ने भी बड़ी राहत की सांस ली। क्योंकि मंगलवार को जिले में करीब 1.25 करोड़ यूनिट बिजली की मांग थी। जिसमें से करीब 70 लाख यूनिट बिजली की मांग एक दिन में कम हो गई। वहीं लोगों का गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
बुधवार सुबह करीब 4 बजे हलकी बूंदाबांदी शुरू हुई थी। इसके बाद 10 बजे तक बारिश जारी रही। दोपहर को करीब दो घंटे के ब्रेक के बाद लगभग एक बजे फिर से तेज बारिश शुरू हो गई। जो शाम छह बजे तक कभी तेज तो कभी बूंदाबांदी के रूप में जारी रही। दोपहर दो बजे से पांच बजे तक तेज बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया। शहर में ढांड रोड, करनाल रोड, अंबाला रोड, पिहोवा चौक के चारों ओर, छोटी मंडी, कबूतर चौक, कमेटी चौक, भगत सिंह चौक के निकट का एरिया, हिंदू स्कूल के सामने की सडक़, रेलवे अंडर ब्रिज, करनाल रोड बाईपास, अर्जुन, शक्ति नगर, अशोका सिनेमा रोड, अमरगढ़ गामड़ी, अनाज मंडी, देवीगढ़ रोड के निकट के इलाके में पानी भर गया। रेलवे गेट के निकट का इलाका, अमरगढ़ गामड़ी, जनता मार्केट, यहां तक की ऊंचाई पर स्थित बाजार भी एक बार तो पानी से लबालब हो गए। एक साथ हुई बारिश के कारण सीवरेज व नाले ओवरफ्लो हो गए। जिस कारण घंटों तक सड़क पर पानी जमा रहा। समाचार लिखे जाने तक बारिश जारी थी। बाजार में जनता स्टोर से नरेश ने कहा कि अभी बनाई हुई नालियां पहली ही बरसात में बह गईं।
किसानों के लिए यह बारिश वरदान साबित होगी। बिजली की खपत कम होने से सरकार को लाभ हुआ है। वहीं सिंचाई पर किसानों का लेबर खर्च भी बचा है। अगले तीन दिनों तक किसानों को सिंचाई की जरूरत नहीं रहेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डा. रमेश वर्मा के अनुसार किसानों को अगले तीन दिन तक सिंचाई की आवश्यकता नहीं रहेगी। किसान अफरा-तफरी न मचाएं। आराम से धान की रोपाई करें। 30 जून तक इस तरह मौसम रहने का अनुमान है।
कलायत में घरों में घुसा पानी
फोटो नंबर- 18 और 19
कलायत। बुधवार सुबह से हो रही बारिश के कारण मौसम सुहाना हो गया। बदले मौसम से जहां लोगों को पिछले दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं नगरपालिका प्रशासन के पानी निकासी के दावों की पोल खुल गई। पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण गलियां पानी से लबालब हो गई घरों में पानी घुस गया। रेलवे रोड पर दोनों ओर नाली अवरुद्ध होने के कारण पानी सड़कों पर जमा हो गया।
किसानों के चेहरे पर आई रौनक
किसान सतीश राणा, कारी कुराड़, राजबीर राणा, गुलाब सिंह, पप्पू, राजा, तरसेम राणा का कहना है कि इस बरसात ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। सूखे पड़े खेतों में नमी हो जाने पर जहां धान की रोपाई में तेजी आ जाएगी। पहले रोपी हुई धान की फसल के लिए आसमान से बरस रही पानी की एक-एक बूंद सोना बरसा रही है।
मूसलाधार बारशि ने भीषण गर्मी से दिलाई राहत
सीवन। पिछले कई दिनों से पड़ रही झुलसती गर्मी से बुधवार को सीवन व आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बारिश से काफी राहत मिली। बारिश होने से अब पूरे क्षेत्र में धान की रोपाई हो जाएगी। किसान सुरेंद्र सरदाना, राजू सरदाना, गजन सिंह गोबिंदपुरा, संगीत बंसल, राम रत्न सैनी, सुखवंत सिंह चौधरी, संदीप विर्क, नरेंद्र सैनी, भीष्म पितामह सरदाना, करण गिल ने बताया कि बारिश होने से गर्मी से राहत मिली है। बारिश होने की वजह से मेन रोड सहित कई अन्य गलियों में भी पानी खड़ा हो गया।
बारिश से फसलों को लाभ
राजौंद। बुधवार सुबह से हो रही बूंदाबांदी के बाद शाम 4 बजे अचानक जोरदार बारिश शुरू हुई। बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। कई दिनों से पड़ रही भयंकर गर्मी से भी लोगों ने भी राहत की सांस ली। बुधवार को मौसम एक बार खुशगवार बन गया। शाम को हुई जोरदार बारिश से कपास, ज्वार, बाजरे, हरे चारा व सब्जियों की फसलों को काफी लाभ हुआ है।
रिमझिम बारिश से खिले किसानों के चेहरे
गुहला-चीका। मंगलवार रात से हो रही रिमझिम बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। वहीं पानी निकासी का उचित व्यवस्था न होने के चलते कई निचले क्षेत्रों में पानी भराव की समस्या भी पैदा हा गई है। गुहला चीका क्षेत्र मेें मंगलवार रात से ही लगातार बारिश हो रही है। बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है। किसानों ने भी धान की रोपाई का काम तेज कर दिया है। किसान गुरनाम सिंह, शमशेर बदसुई, ओमपाल राणा, कृष्ण संधू ने बताया कि यह बारिश किसानों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि किसानों ने पिछले कई दिनों से अपने खेत तैयार किए हुए थे लेकिन बरसात ना होने के चलते खेतों में पानी नहीं ठहर रहा था। बारिश होने से अब खेतों में पानी ठहर जाएगा और व धान कर रोपाई कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि अब किसानों को बिजली पर भी निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।