गांव बढ़सीकरी में तेज बारिश के कारण बाढ़ के जैसे हालात पैदा हो गए हैं। आवासीय और कृषि क्षेत्र में भारी जल भराव है। इसके चलते कृषि क्षेत्र में धान, कपास और अन्य फसलों के साथ-साथ पशु चारा खराब हो रहा है। किताब सिंह, दिलबाग, मुथरा, पाला राम, जोरा, जयपाल, शमशेर व भीरा सरदार ने बताया कि तेज बारिश से उनके खेतों में जलभराव हो गया है। धान, कपास और चारे की फसल के साथ अन्य फसलों को नुकसान होने का अंदेशा है। अब किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींचने लगी हैं। अगर बारिश और हुई तो फसलों को नुकसान होना तय माना जा रहा है। खेतों में जलभराव ने किसानों की नींद उड़ा दी है। कोई फावड़ा लेकर पानी निकासी के इंतजाम में जुटा है तो कोई आसमान की ओर टकटकी लगाकर बादलों की विदाई का रास्ता देख रहा है। गांव के आवासीय इलाके में घरों और गलियों की पानी निकासी नहीं हो पा रही है। गलियों ने नालों का रूप धारण कर लिया है। घरों के अंदर गंदा पानी हिलोरे मार रहा है। गांव के लोगों ने बताया कि अनेक बार गंदे पानी की समुचित निकासी किए जाने की मांग से प्रशासन को अवगत कराया गया है। इसके बाद भी निकासी की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। गांवों के किसानों ने बताया कि करीब 200 एकड़ फसल का रकबा दांव पर लगा है। धान और चारे की फसल पानी में डूब गई है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से रकबे से पानी की निकासी करवाने की मांग की।
एसडीएम ने बीडीपीओ को दिए आदेश
ग्रामीणों के शिष्टमंडल ने बढ़सीकरी गांव की पानी निकासी को लेकर कलायत एसडीएम वीरेंद्र सिंह से मुलाकात की। एसडीएम ने त्वरित संज्ञान लेते हुए बीडीपीओ को निकासी करने की जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारी के आदेशानुसार बीडीपीओ रोजी सिंह व्यवस्था बनाने में लगी हैं।