कैथल। अनाज मंडियों में इस बार हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। आलम यह है कि मंगलवार को बारदाना न होने के कारण नई अनाज मंडी में गेहूं की खरीद नहीं हो पाई। जिस कारण किसान व आढ़ती गेहूं बिकने का इंतजार करते रहे। आढ़ती बारदाने के लिए डीएफएससी कार्यालय में एक-एक गांठ के लिए जूझते नजर आए। बिके हुए गेहूं का भुगतान भी न होने के कारण परेशानियां ओर बढ़ गई हैं। ऊपर से मंडी में जितना गेहूं खरीदा जा चुका है, उसका महज 30 प्रतिशत ही उठान हो पाया है। स्थिति यह है कि दोनों मंडियों में 11 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। उठान महज 4 लाख क्विंटल का हो पाया है। पूरी मंडी 7 लाख कट्टों से अंटी पड़ी है। मंडी में प्रवेश करने तक की जगह नहीं हैं।
नहीं हो पाई खरीद : सोमवार की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे तक बोली हुई। आढ़तियों ने अपनी-अपनी दुकान पर आई गेहूं खरीद एजेंसी डीएफएसी को लिखवाई। लेकिन मंगलवार को कोई भी एजेंसी खरीद के लिए नहीं आई। दिन भर गेहूं की खरीद ही नहीं हो पाई। गांव चंदाना निवासी किसान मोहन लाल व पवन कुमार ने कहा कि गेहूं खरीद नहीं हो रही। वे कई दिनों से गेहूं लेकर यहां बैठे हैं। यही स्थित मंडी में बाकी किसानों की भी थी। मार्केट कमेटी सचिव दलेल सिंह ने कहा कि कोई भी एजेंसी खरीद के लिए नहीं आ रही। बताया जा रहा है कि बारदाना नहीं हैं। एफसीआई की जगह डीएफएससी ने सोमवार को खरीद की थी। मंगलवार को उनकी बारी थी तो पहले ही खरीद कर चुके हैं। जिस कारण परेशानी है।
डीएफएससी कार्यालय में एक-एक गांठ के लिए जूझते दिखे आढ़ती : पूरे जिले में बारदाने के संकट से मंडियों के प्रतिनिधि डीएफएसी वरिंद्र सिंह से एक-एक गांठ के लिए जूझते नजर आए। एक गांठ में 500 बैग होते हैं। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मित्तल, दूसरी एसोसिएशन की ओर से अश्वनी शोरेवाला की अगुवाई में अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल डीएफएससी से मिला। साथ ही बाबा लदाना, सीवन व कई अन्य मंडियों के आढ़ती यहां बारदाने की मांग के लिए पहुंचे थे। डीएफएससी ने किसी तरह आश्वासन देकर उन्हें वापस भेजा।
बाबा लदाना में किसानों ने लगाया जाम : गांव बाबा लदाना में खरीद केंद्र में गेहूं की खरीद न होने से गुस्साए किसानों व आढ़तियों ने कैथल-खनौरी मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक लगे जाम के कारण लोग परेशान हुए। सूचना मिलते ही थाना सदर प्रभारी मौके पर पहुंचे। लोगों ने कहा कि खरीद केंद्र में 4 लाख से अधिक बैग की जरूरत है। लेकिन यहां बारदाना न होने के कारण खरीद नहीं हो पा रही है। जिस कारण उन्हें परेशानी है। बाद में अधिकारियों ने शाम तक 50 हजार बैग भेजने का आश्वासन दिया। तब जाकर किसानों ने जाम खोला।
डीएफएससी वरिंद्र सिंह से सीधी बातचीत : 1. अनाज मंडियों में खरीद कम की जा रही है, क्यों?
- अचानक हेफेड व डीएफएससी के पास मंडियां बढ़ गई हैं। जिस कारण कुछ परेशानी है। लेकिन खरीद पूरी हो रही है। प्रयास किया जा रहा है कि किसी को परेशानी न हो।
2. दस दिन तक खरीदे गए गेहूं का आज तक भुगतान नहीं, 300 करोड़ से अधिक का भुगतान लटका, जबकि नियम 72 घंटे का है।
- ऑनलाइन सिस्टम के कारण कुछ परेशानी आई थी। सोमवार से कुछ भुगतान किया गया है। अब यह नियमित तौर पर होगा।
3. बारदाने का संकट बना हुआ है। इस बार ऐसी क्या परेशानी है, जो बारदाना नहीं मिल रहा?
- बारदाने के लिए शॉर्टेज चल रही है। 500 गांठ फतेहाबाद से मंगवाई हैं। जिले में अभी तक 6500 गांठें आई हैं। अभी करीब 3 हजार की और जरूरत है। जल्द ही एक रैक लगने वाला है। जिसमें लगभग 3900 गांठें आ जाएंगी। इसके बाद परेशानी नहीं रहेगी।
4. उठान न होने के कारण मंडियों में हालात बेकाबू हैं। प्रवेश तक की जगह नहीं है। कहीं ऐसा तो नहीं ठेकेदार के माध्यम से एजेंसियां इस गेहूं को मंडी में ही सूखा रही हैं? कैथल मंडी में 11 लाख में से महज 4 लाख क्विंटल का उठान हुआ है। - ऐसा नहीं हैं। गेहूं के सीजन में एकदम से आवक होती है। जिस कारण उठान में परेशानी है। ठेकेदार से बात की जा रही है। जितना जल्दी हो सकेगा, उठान करवाया जाएगा।