खरकां स्कूल में हुए निर्माण कार्यों में धांधली के आरोपों के बाद विभाग ने शुरू की जांच
फोटो नंबर-32
अमर उजाला ब्यूरो
सीवन। राजकीय स्कूल खरकां के पूर्व कार्यकारी प्राचार्य सतबीर सिंह द्वारा स्कूल में करवाए गए निर्माण कार्यों की विभाग ने जांच शुरू कर दी है। जांच कमेटी ने खरकां स्कूल में पहुंच कर सोमवार को जांच का कार्य शुरू किया। जांच निष्पक्ष हो इसके लिए खरकां स्कूल के नए कार्यकारी प्राचार्य सुदर्शन शर्मा ने डीडी पावर का कार्य भार संभाल लिया है। जांच कमेटी में खंड शिक्षा अधिकारी गुहला प्रेम सिंह पूनियां, जिला शिक्षा अधिकारी योगेश सिंह और एओ एसएसए सोमवार को खरकां स्कूल में जांच के लिए पहुंचे और जांच टीम ने पूर्व कार्यकारी प्राचार्य सतबीर द्वारा विद्यालय में करवाएं गए कार्यों की जांच बारीकी से शुरू कर दी है। जांच के दौरान हर कार्य में लगी राशि और उसके द्वारा खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने कर जांच चल रही है। वही पूर्व कार्यकारी प्राचार्य सतबीर एक दिन की छुट्टी के बाद स्कूल में हाजिर रहे। रावमा विद्यालय खरकां में पूर्व कार्यकारी प्राचार्य सतबीर सिंह द्वारा करवाए गए कार्यों में भारी धांधली का शक हुआ जिसको देखते हुए विभाग ने सतबीर सिंह की डीडी पावर छिन कर उसकी जांच के लिए लिए विभाग की ओर से जांच कमेटी का गठन किया गया है। विद्यालय में जनवरी 2017 से 2019 तक लगभग 55 लाख रूपए की राशि खर्च होना आंका जा रहा है। विद्यालय के प्रांगण में लगाए गए ब्लाक में सही सामग्री का प्रयोग न होने के कारण ब्लाक जगह जगह से नीचे बैठ गए है और हल्की बरसात में भी प्रांगण पानी से भर जाता है।
यह है मामला:-
राजकीय स्कूल खरकां में लगभग 55 लाख रूपए राशि के अलावा अन्य फंडों से लाखों रूपये के राशि खर्च करने के बावजूद भी स्कूल में ब्लाक लगाते समय सामग्री में भारी अनियमितता बरती जाने का अंदेशा है। विद्यालय के खेल मैदान का बुरा हाल है। हल्की बरसात होने के बाद विद्यालय के खिलाड़ी कई दिन खेल नहीं पाते। इसके अलावा विद्यालय में खड़े पेड़ों की बोली और नाकारा कमरों से प्राप्त राशि भी नियम अनुसार खजाने में जमा न होना भी शंका के दायरे में खड़ा कर रहा है।
यह कहना है प्राचार्य का:-
रावमा विद्यालय खरकां के पूर्व कार्यकारी प्राचार्य सतबीर सिंह का कहना है कि उनके समय में जो लगभग 52 लाख रुपये की राशि स्कूल में निर्माण के लिए आई थी उसे पूरी इमानदारी से स्कूल लगाया गया है। उसने स्वयं ही विभाग से अपने द्वारा करवाए गए कार्यों के लेखा जोखा की जांच करवाई है। जो विद्यालय में पेड़ों की कटाई करवाई कई है उसकी राशि भी पंचायत में जमा करवा दी गई और विद्यालय के तीन नाकारा कमरों से प्राप्त राशि हुई थी वह भी नियम अनुसार खजाने में जमा करवा दी गई थी। इसके अलावा जो खर्च किया गया उसकी पेमेंट की राशि चैक द्वारा व खजाने से की गई है।