एसवाईएल में पानी न लाने के काम रोको प्रस्ताव पर भाजपा के मंत्री व विधायकों ने नहीं दिया जवाब : अभय
- गांव बालू में जन अधिकार यात्रा के स्वागत के लिए उमड़ी लोगों की भीड़ को संबोधित कर रहे थे विपक्ष के नेता अभय चौटाला
कहा- कांग्रेस व भाजपा ने विधानसभा में नहीं उठाए किसानों से जुड़े मुद्दे, इनेलो द्वारा किया जा रहा है विधानसभा के अंदर व बाहर संघर्ष
फोटो संख्या-27, 38
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। हरियाणा में विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने कहा कि महज एक दिन के विधानसभा सत्र में इनेलो की ओर से सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद एसवाईएल में पानी न लाने के काम रोको प्रस्ताव पर भाजपा के मंत्री व विधायकों ने कोई जवाब नहीं दिया। जबकि वे इस विषय पर चर्चा करवाना चाहते थे। विधानसभा स्पीकर ने सरकार के दबाव में आकर कहा कि मामला कोर्ट में लंबित है। लेकिन वे यह नहीं दिखा सके कि किस कागज के आधार पर वे कह रहे हैं कि यह मामला कोर्ट में लंबित है। यही कुछ हाल कांग्रेसी विधायकों का था। केवल इनेलो ही एसवाईएल को लेकर विधानसभा के अंदर व बाहर किसानों की लड़ाई लड़ रही है। अभय चौटाला रविवार को गांव बालू में पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा की अगुवाई में इनेलो की जन अधिकार यात्रा के स्वागत के लिए उमड़ी लोगों की भीड़ को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में महिलाओं ने भी शिरकत की।
अभय ने माजरा की किसानों को लेकर उठाई गई बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि किसान को मंडियों में भाव नहीं मिल रहे। भाजपा जो वादे करके सत्ता में आई थी, उन्हें पूरा करना तो दूर आज कांग्रेस की तर्ज पर देश व प्रदेश की जनता का शोषण कर रही है। जिस कारण सरकार से सभी वर्गों के लोग परेशान हैं। आने वाले चुनाव में देश में बहन मायावती पीएम व प्रदेश में ओमप्रकाश चौटाला सीएम बनेेंगे। दस साल के कांग्रेस के भ्रष्ट राज से मुक्ति के लिए लोगों ने भाजपा को जिस उत्साह से सत्ता सौंपी थी। आज लोग उतना ही पछता रहे हैं। भाजपा विदेशों से काला धन लाने, जनधन खातों में 15-15 लाख जमा करवाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने व हर साल 2 करोड़ लोगों को रोजगार देने के वादे पर फेल रही है। हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, 24 घंटे बिजली-पानी, पंजाब के समान वेतनमान, एसवाईएल का निर्माण जैसे मुद्दे चुनावी मुद्दे ही बन कर रह गए हैं। स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे नारे देकर भाजपा जमीनी स्तर पर काम करना ही भूल गई। समाज को 35 व 36 बिरादरी में बांटने का काम किया। आज प्रदेश के सीएम खुद वोटों के लिए कह रहे हैं कि वे पंजाबी हैं। जबकि वे भूल गए कि वे हरियाणा के सीएम हैं। इन सबके चलते हरियाणा का कर्मचारी, व्यापारी, प्रदेश का किसान, युवा बदलाव चाहते हैं। उनकी सरकार आने पर एसवाईएल का पानी लाया जाएगा। बिजाई के समय किसानों को प्रति एकड़ 5 हजार रुपये की सहायता, गरीब कन्या की शादी में 5 लाख रुपये सहायता, किसानों के कर्ज माफ, किसानों की पेंशन के लिए चौटाला से मिलकर ड्रॉफ्ट बनाकर घोषणा की जाएगी।
जनसभा में फूटा माजरा का दर्द :
जनसभा में पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने जहां देश-प्रदेश में भाजपा की नीतियों को लेकर जमकर खिंचाई की वहीं बहन मायावती को पीएम व प्रदेश में चौधरी ओमप्रकाश चौटाला को सीएम बनाने का आह्वान किया। साथ ही पिछले चुनाव में कलायत से विधानसभा चुनाव के दौरान अपने दर्द भरे अनुभव को भी सबके साथ साझा किया। माजरा ने कहा कि पिछली बार मेरा चुनाव था। मेरा 4 लिस्टों (टिकटों की लिस्ट) में नाम नहीं आया। जब 4 में नाम नहीं आया तो इसी जगह पर रैली थी। हमारे एमपी महोदय (दुष्यंत चौटाला) आए थे, समर्थन में मैं भी गया था। यहां कार्यकर्ताओं ने 3 बार उन्हें लिखकर दिया कि यहां का प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार (जयप्रकाश, जो अब एमएलए हैं) ये कहता था कि मेरी एमपी (दुष्यंत चौटाला एमपी) के साथ अच्छी ट्यूनिंग है। इसलिए एमपी महोदय भाषण में यह जरूर बोलें कि उनका उस उम्मीदवार (जयप्रकाश) से कोई वास्ता नहीं हैं। लेकिन जब एमपी महोदय (दुष्यंत चौटाला एमपी) ने भाषण में एक शब्द तक नहीं कहा तो मैं उसी दिन चुनाव हार गया था। माजरा ने कहा कि दर्द बहुत हैं। लेकिन आज की भीड़ ने उत्साह भर दिया है। रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सभी को इस भीड़ की बधाई।
इस मौके पर कानूनी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शशी वालिया, एडवोकेट संजीव माजरा, जिलाध्यक्ष पंडित कंवरपाल करोड़ा, सरपंच रामफल मलिक खुराना, जसमेर तितरम, पारस मित्तल, बसपा नेता रमेश प्रजापत, बसपा प्रदेश प्रभारी गुरमुख सिंह, विधायक पिरथी सिंह नरवाना, पूर्व मंत्री सुरेंद्र मदान, अमन माजरा, पूर्व विधायक बूटा सिंह, ओमप्रकाश कैरा, ईश्वर मैहला, युवा जिलाध्यक्ष अनिल तंवर, राजा राम माजरा, मोनी बालू, संतोष दहिया, जयप्रकाश बलबहेड़ा, विकास बालू सहित हजारों की संख्या में इनेलो पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।