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जिला अस्पताल में एक दिन की बच्ची को दाखिल करवाकर दो दिनों तक नहीं ली किसी ने सुध, डॉक्टर करते रहे फोन

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फ्लैग- जिला अस्पताल में एक दिन की बच्ची को दाखिल करवाकर दो दिनों तक किसी ने नहीं ली सुध, दो दिन बाद पुलिस के बुलाने पर आए परिजनों ने कहा-
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हेडिंग- हम यहीं थे, अंदर कोई बैठने नहीं देता, बच्ची की मां दूसरे अस्पताल में दाखिल थी, दोनों जगह लगा था आना-जाना
4 दिसंबर को निजी अस्पताल में पैदा हुई कम वजन की बच्ची की हालत गंभीर, जिला अस्पताल के डॉक्टर कर रहे हैं देखभाल

फोटो संख्या-4
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला अस्पताल में एसएनसीयू वार्ड में दाखिल एक नवजात बच्ची के परिजन जब दो दिनों तक उसे देखने नहीं आए और फोन तक नहीं मिला तो पुलिस को सूचित किया। पुलिस के बुलावे पर परिजन अस्पताल पहुंचे। परिजनों का कहना है कि बच्ची की मां दूसरे अस्पताल में दाखिल थीं और एसएनसीयू वार्ड में कोई बैठने नहीं देता। इसलिए दोनों जगह आने-जाने के चलते डॉक्टरों से संपर्क नहीं कर पाए। पूरा मामला दो दिनों से अस्पताल में चर्चा का विषय बना रहा।
मिली जानकारी के अनुसार 4 दिसंबर की रात्रि साढ़े आठ बजे एक महिला ने करनाल रोड पर स्थित अमन अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया। बताया जा रहा कि वह समय से एक माह पहले पैदा हो गई थी और उसका वजन काफी कम था। नवजात को अस्पताल से तुरंत रेफर कर दिया गया। परिजनों में एक व्यक्ति व एक बुजुर्ग महिला इस बच्ची को लेकर उसी समय जिला अस्पताल पहुंचे। जहां उसे एसएनसीयू वार्ड में दाखिल करवा दिया गया। बच्ची का वजन कम होने के साथ-साथ अब उसे पीलिया भी बताया जा रहा है और अभी भी हालत गंभीर बताई जा रही है। एक दिन तक तो परिजन यहां रहे। लेकिन इसके बाद दो दिनों तक बच्ची की सुध लेने वार्ड के अंदर कोई नहीं पहुंचा। जिस पर विभाग ने पुलिस को सूचित किया।
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डॉ. अनिल अग्रवाल ने अमर उजाला को बताया कि यहां एक बच्ची 4 दिसंबर से दाखिल है। एक दिन तक तो परिजन यहां मौजूद रहे। लेकिन 8 दिसंबर दोपहर तक कोई भी परिजन नहीं आया। 5 दिसंबर के बाद अस्पताल में बच्ची की सुध लेने नहीं आया। परिजनों द्वारा जो नंबर दिया गया था, उस नंबर पर फोन किया गया, लेकिन फोन नॉट रिचेबल आ रहा है। जिस कारण उन्होंने शुक्रवार शाम पुलिस को सूचित कर दिया। शनिवार शाम पुलिस की सूचना के बाद परिजन यहां पहुंचे हैं। उन्हें बच्ची की हालत की जानकारी दी जा रही है।
बच्ची का वजन काफी कम है। उसे अब पीलिया भी लग रहा है और अभी वह दूध भी नहीं पचा रही है। यह प्री-मेच्योर बेबी है। उसे हर संभव इलाज दिया जा रहा है।
दूसरी ओर जिला अस्पताल में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर बच्ची के परिजनों ने कहा कि बच्ची की मां दूसरे अस्पताल में दाखिल थी, वे उसका इलाज करवा रहे थे। यह बड़े ऑपरेशन से हुई थी। जिस कारण दोनों जगह आना-जाना लगा हुआ था। वे शुक्रवार को बच्ची की मां की छुट्टी करवाकर चले गए थे। साथ ही एसएनसीयू वार्ड में किसी को बैठने नहीं दिया जाता और बच्ची का अंदर इलाज चल रहा था। जिस कारण वे अस्पताल में आते-जाते तो रहे, लेकिन डॉक्टर से मुलाकात नहीं हो पाई। वे कहीं नहीं गए, बच्ची के लिए अस्पताल में मौजूद हैं।
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एसएचओ सिविल लाइन धर्मपाल ने बताया कि बड़े ऑपरेशन से बच्ची पैदा हुई थी। परिजनों को बुला लिया गया है। वे मां की देखभाल में लगे हुए थे। जिस कारण ऐसे हालात हुए।
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