हड़ताल के 18वें दिन चली रोडवेज की 110 बसें, लगाए 150 फेरे
लंबे रुटों पर जाने वाले लोगों रहे हलकान, बिजली विभाग के कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद मिली लोगों को राहत
आज से रोडवेज की हड़ताल खुलने से भी मिलेगी राहत
फोटो नंबर-08
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। रोडवेज की हड़ताल शुक्रवार को 18वां दिन भी जारी रही। 19वें दिन हड़ताल खुलने का फैसला होने से शनिवार को लोगों को राहत मिलेगी। हड़ताल में हाईकोर्ट के दखल देने के बाद शुक्रवार शाम को कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त होने में यह प्रदेश के अब तक के इतिहास की सबसे लंबी हड़ताल रही। लेकिन हड़ताल के 18वें दिन यात्रियों को लंबे रुटों की बसें न चलने के कारण भारी परेशानियां झेलनी पड़ी। जिस कारण यात्री हलकान रहे। शुक्रवार को कुल 110 बसें चली जिसने 150 से अधिक फेरे लगाए। उसके बावजूद भी लंबे रुट पर जाने वाले यात्रियों की समस्या बनी रही। हिसार जाने वाली महिला रानी ने बताया कि उसकी रिश्तेदारी में एक मौत हो गई थी। जिसके लिए उसे हिसार समय पर पहुंचना है। लेकिन पिछले एक घंटे से हिसार की कोई बस नहीं मिली। काफी कठिनाई हो रही है। वहीं चंडीगढ़ जाने वाले शहरवासी पप्पू ने कहा कि हड़ताल के कारण ठेके के ड्राइवरों व पुलिस कर्मचारियों की सहायता बसें चलाने का दावा सरकार ने किया। लेकिन यह सफल नहीं हो पाया है। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डीसी का दावा, लंबे रुटो पर चली सभी बसें:-वहीं डीसी ने एक विज्ञप्ति जारी कर जिले से सभी लंबे रुटों पर जाने वाली सभी बसें नियमित रुप से चलने की बात कही। लेकिन सच्चाई यह रही कि बसों की कोई भी समय सारणी हड़ताल के दौरान नहीं रही।
डीसी धर्मवीर सिंह ने बताया कि कैथल डिपो की 110 बसों को हिसार, सिरसा, चंडीगढ़, पेहवा, कुरूक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, दिल्ली, असंध, सफीदों, जींद, कटड़ा, जयपुर, टोहाना, संगतपुरा, धनौरी, चीका-पटियाला-चंडीगढ़ अन्य रूटों के अलावा लोकल रूटों पर चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सहकारी समितियों की सभी 70 बसों को भी निर्धारित रूटों पर नियमित रूप से चलाया जा रहा है। यह बसें नरवाना, चीका, असंध, निसिंग, पूंडरी-कुरूक्षेत्र सहित अन्य निर्धारित रूटों पर बस सेवाएं जारी हैं।
जिला प्रशासन ने उठाया हुआ टेंट का सामान लौटाया
फोटो नंबर-09
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पिछले 18 दिनों से चल रही रोडवेज की हड़ताल में हाईकोर्ट के दखल के बाद शुक्रवार को हुई सुनवाई पर सभी रोडवेज कर्मचारी टकटकी लगाए बैठे रहे। इसके साथ ही रोडवेज तालमेल कमेटी के बैनर तले दिए गए धरने पर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। जैसे शाम के समय हाईकोर्ट की अपील के बाद यूनियनों शनिवार सुबह 10 बजे से काम पर लौटने का न्यायलय को आश्वासन दिया। वहीं अभी तक ठेके पर रखे गए चालकों व परिचालकों को लेकर सरकार के कोई आगामीर आदेशा न हीं आए है। 18वें दिन के धरने की अध्यक्षता कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव बलवान कुंडू ने की। जबकि मंच संचालन सुशील शर्मा, प्रवीण क्योड़क ने किया। शुक्रवार को धरने में रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रधान सतीश शर्मा, धूप सिंह सिरोही जिला प्रधान, ओमप्रकाश करोड़ा, अशोक शर्मा जिला सचिव, हरफूल सिंह, शांति देवी, जयप्रकाश शास्त्री, एसएफआई कुलदीप किठाना, गीता ढुल, बन्ने सिंह पूर्व जेई बिजली बोर्ड ने अपना समर्थन दिया। इस मौके पर डिपू प्रधान महावीर संधु, डिपू चेयरमैन रामफल शिमला, राजबीर भाणा, राजेंद्र, आनंद शर्मा, राजबीर शामदो, सुरेश,्र हरिकेश, सुशील कुमार, मनदीप सिंह, रामफल मौजूद रहे। वहीं बुधवार की देर रात में वाटिका के पार्क में लगाए गए टेंट का समान जिला प्रशासन द्वारा जब्त करने के बाद शुक्रवार सुबह उसे वापिस लौटा दिया गया।
ठेके पर लगे चालक-परिचालकों को लेकर नहीं आए हैं आदेश:-जीएम रामकुमार ने बताया कि यूनियनों की ओर से हड़ताल खोलने की सूचना मिली है। कर्मचारियों ने हाईकोर्ट को शनिवार सुबह 10 बजे से काम पर लौटने का उम्मीद है कि सभी कर्मचारी कल सुबह अपने अपने काम पर लौट आएगें। अभी तक अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों के बारे में कोई आदेश नहीं आए हैं।
अध्यापक संघ के नेताओं ने लगाया दुव्र्यवहार का आरोप
हरियाणा अध्यापक संघ के जिला प्रधान विजेंद्र मोर व राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान बलबीर सिंह ने बताया कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी द्वारा 26 अक्तूबर को सामूहिक अवकाश का वेतन काटने के लिए जो पत्र जारी किया गया है। जब उनसे कार्यालय में मिलने की कोशिश की गई तो अधिकारी द्वारा शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ बुरा व्यवहार किया और कार्यालय से बाहर निकल जाने की धमकी दी। पूरे प्रदेश में किसी भी शिक्षा अधिकारी द्वारा सामूहिक अवकाश का वेतन काटने का पत्र जारी नहीं किया है। निदेशक मौलिक शिक्षा से जारी पत्र के अनुसार कहीं भी वेतन काटने का जिक्र नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि जिसके विरोध में शिक्षक तालमेल कमेटी 5 नवंबर को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के खिलाफ उनके कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन करेगी। इस मौके पर बलबीर सिंह, मनोज नैन, विजेंद्र मोर, रामपाल शर्मा, हीरा सिंह मौजूद रहे।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति जिला कमेटी ने बैठक कर निंदा की
कैथल। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति कैथल जिला सचिव मंडल की मीटिंग शर्मिला पिलखन की अध्यक्षता में शहीद भगत सिंह भवन कैथल में हुई। मीटिंग में प्रस्ताव पारित करके हड़ताली रोडवेड़ कर्मचारियों व समर्थकों पर भुना (फतेहाबाद) व भिवानी में सरकार के इशारे पर किये गए लाठीचार्ज व उन पर बनाए गए झूठे मुकदमों की कड़ी निंदा की गई। मीटिंग में कृष्णा एडवोकेट, शर्मिला, सुनीता, सुखदेई, मूर्ति व सूरजमुखी उपस्थित रही।