फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरप्लस नीति के तहत आबंटित हुई जमीन के रिकॉर्ड में धोखाधड़ी के आरोप में केस

विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने पटवारी सहित छह के खिलाफ दर्ज किया केस
विज्ञापन

सरप्लस नीति के तहत आवंटित जमीन के रिकॉर्ड में धोखाधड़ी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव मानस में सरप्लस नीति के तहत मिली जमीन पर किए गए कब्जे व रिकॉर्ड में हेराफेरी के आरोप में पुलिस ने पटवारी सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
विज्ञापन

पुलिस को दी शिकायत में गांव मानस निवासी सुभाष ने बताया कि उसके पिता अमर सिंह को वर्ष 1979 मे सरपलस जमीन अलाट हुई थी। जिसका खसरा न. 120 किला नं. 17/2,18,19/2 इस जमीन का इंतकाल उसके पिता अमर सिंह के नाम था। उसके पिता ने यह जमीन इंतकाल 2950 दिनांक 10/05/2016 की मदद से उसके व उसके भाई के नाम करवा दी। लेकिन इस जमीन पर पिरथू पुत्र श्रीराम व धन्ना पुत्र भगतू आदि ने कब्जा कर लिया था। 3 साल पहले पिरथू पुत्र श्रीराम की मृत्यु हो गई तो पिरथू के पुत्रों ने उनकी जमीन से कब्जा छोड़ दिया और राजस्व विभाग के रिकार्ड में पिरथू के उत्तराधिकारियों ने गिरदावरी रिकार्ड में अपने नाम से इंद्राज नहीं करवाया है। लेकिन दूसरे पक्ष धन्ना आदि का कब्जा अभी भी बरकरार है। आरोपी रामफल व धर्मबीर, रणधीर उर्फ लीला पुत्र धन्ना राम, गौरव व बलिंद्र ने स्वीकार किया है कि शुरू से लेकर अब तक वे कब्जे में है और गिरदावरी गौरव व बलिंद्र पुत्र रामफल के नाम दर्ज करवा दी है। पटवारी बलवंत सिंह ने भी असली मालिक मान लिया है। लेकिन हलका पटवारी ने गिरदावरी रिकार्ड में दर्ज कब्जेबाजों के नाम नहीं लिखवाए और न ही यह बताया कि उनकी जमीन पर आरोपियों का कब्जा जायज है या नाजायज है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें