अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। बिजली निगम की कार्यप्रणाली को लेकर किसानों ने भाकियू नेता भूराराम के नेतृत्व में एसडीओ कार्यालय में जाकर रोष स्वरूप जमकर नारेबाजी की। अनेक किसान बिजली से संबंधित अपनी मांगों को लेकर कार्यालय में आए हुए थे। किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए भूराराम ने कहा कि विभाग द्वारा बिजली के अघोषित कट बेवजह लगाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को अब खेती करना घाटा का सौदा बन गई है। किसानों को बिजली कटौती के चलते बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की जगमग योजना केवल कागजों में ही सिमट कर रह गई है। निगम ने अगर बिजली कटौती करना बंद नहीं किया तो भाकियू बिजली अधिकारियों का घेराव करेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि चोरी हुए ट्रांसफार्मर की किसान से भरपाई करवाने की बजाए निगम खुद वहन करें। ट्रांसफार्मर चोरी होने पर किसान की समस्याएं भी शुरू हो जाती है, पहले किसान थाने में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए धक्के खाता है। उसके बाद बिजली निगम में ट्रांसफार्मर रखवाने के लिए निगम के कर्मचारियों व अधिकारियों के पास घूमता है। खेतों मेें ढीली लटक रही तारों को बदला नहीं जा रहा है। बिजली बिल भरने की व्यवस्था गांव में ही की जाए। किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर पूरे देश में पहली बार 1 से 10 जून तक राष्ट्रीय किसान महासंघ के बैनर तले हड़ताल करेंगे। इस मौके पर किसान जितेंद्र मुंदड़ी, श्रीचंद फतेहपुर, कृष्ण पूंडरी, मलकीत पूंडरी, रामकुमार पबनावा, रणधीर खेड़ी सिकंदर, रणधीर बरसाना, सपताल पूंडरी, जसबीर पूंडरी सहित अनेक किसान मौजूद रहेेे।
वहीं विभाग के एसडीओ दलबीर सिंह ने बिजली कटों के बारे में बताया अगर पीछे से कोई सिस्टम में ही तो दिक्कत आ जाए अलग बात है, नहीं तो लोकल लेवल पर बिजली कट नहीं लगाए जाते हैं। खराब व जले हुए ट्रांसफार्मर बिना रोक-टोक के बदले जा रहा है।
बिजली कट व ढीली तारों को लेकर किसानों का गुस्सा फूटा, जमकर की नारेबाजी
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