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493 जेबीटी शिक्षकों में से 421 अध्यापकों को मिल गई जगह...

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प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों को पढ़ाने के लिए नहीं मिल रहे बच्चे
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493 जेबीटी शिक्षकों में से 421 अध्यापकों को मिल गई जगह, 72 अध्यापकों की स्कूलों में जरूरत नहीं
शिक्षा विभाग ने लिखा आला अधिकारियों को, इन अध्यापकों पर लिया जाए फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। प्राइमरी कक्षा से बड़ी कक्षाओं में जहां अध्यापकों की कमी के कारण कई जगह स्कूलों में बच्चे खाली बैठने को मजबूर हैं। वहीं प्राथमिक स्कूलों में अब हालात ये हो गए हैं कि शिक्षक ज्यादा हो गए। उन्हें पढ़ाने के लिए बच्चे नहीं मिल रहे। जिले में नवनियुक्त 493 जेबीटी अध्यापकों में से बच्चों की संख्या के हिसाब से 421 अध्यापकों को तो स्कूल अलॉट कर दिए गए। लेकिन 72 शिक्षक बच गए। बच्चों की संख्या कम होने के कारण इन अध्यापकों की जरूरत ही नहीं है। जिला शिक्षा विभाग ने अब आला अधिकारियों को लिखा है कि इन अध्यापकों पर कोई फैसला लें।
कैथल में 493 जेबीटी ने ज्वाइन किया है और अब तक वे मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ही हाजिरी लगा रहे है। वीरवार को स्कूल अलॉट होने की जानकारी मिली तो सुबह से ही सभी जेबीटी मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचना शुरू हो गए। विभाग ने स्कूल में रिक्त पदों का ब्यौरा कार्यालय की दीवार पर चस्पा कर दिया। चस्पा लिस्ट में रिक्त पद देखकर जेबीटी अध्यापकों को दस-दस स्कूलों के नाम भरे। अधिकतर शिक्षक अपने निवास से कम दूरी वाले स्कूल को ही नियुक्ति पाने के लिए प्राथमिकता देते नजर आए। इस कारण ज्यादातर महिलाओं व विकलांगों को तो पसंदीदा स्कूल मिले, लेकिन बाद में नंबर आने के कारण पुरुष जेबीटी के चेहरे लटके हुए नजर आए।
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72 की नहीं है जिले में जरूरत
नवनियुक्त 493 जेबीटी में से 421 को तो स्कूल अलॉट हो गए। लेकिन 72 अध्यापक बच गए। जिनके लिए कोई स्कूल ही नहीं बचा। उन अध्यापकों को अब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ही हाजिरी लगानी होगी।
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सीटों की तुलना में जेबीटी ज्यादा होने के कारण जो जेबीटी स्कूल मिलने से वंचित रह जाएंगे उनकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय के पास भेज दी जाएगी। विभाग के दिशा निर्देशों के अनुसार ही स्कूल अलॉट किए गए हैं व वंचित अध्यापकों को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा।
शमशेर सिंह सिरोही, मौलिक शिक्षा अधिकारी
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