जिला अस्पताल में आंखों की जांच के लिए बुजुर्गों को होना पड़ता है धक्का-मुक्की का शिकार
एक डॉक्टर होने के कारण मंगलवार को सुबह उमड़ी बुजुर्गों की भीड़ को करना पड़ा घंटों इंतजार
व्यवस्था संभालने आए सुरक्षा कर्मियों व बुजुर्गों में होती रही तीखी नोक-झोंक
फोटो संख्या-07
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला अस्पताल में इलाज के लिए आए बुजुर्गाें को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आंखों के वार्ड के बाहर उमड़ने वाली भीड़ को काबू करने में सुरक्षा कर्मियों के भी पसीने छूट रहे हैं। वहीं बुजुर्ग यहां धक्का-मुक्की का शिकार हो रहे हैं। विशेष रूप से महिलाओं को काफी परेशानी आ रही है।
जिला अस्पताल में इलाज के लिए आए बुजुर्ग मंगलवार की सुबह करीब 9 बजे से पहले ही लाइन में लग गए। एक ही डॉक्टर ड्यूटी पर थे। डॉ. आरपी गोयल, जो पहले दाखिल मरीजों की जांच करके आए। इसके बाद उन्हें आपातकालीन वार्ड में जाना पड़ा। तब तक ओपीडी वार्ड के बाहर भारी संख्या में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं व पुरुषों की अलग-अलग लाइनों में बुजुर्गों को यहां धक्का-मुक्की का शिकार होना पड़ा। जब एक सुरक्षा कर्मी से हालात काबू नहीं आए तो दो-तीन सुरक्षा कर्मी ओर पहुंचे। जिनमें से एक सुरक्षा कर्मी की एक बुजुर्ग के साथ तीखी नोक-झोंक हुई। करीब एक घंटे तक मचे घमासान के बीच बुजुर्गों को कई बार तीखी नोक-झोंक का सामना करना पड़ा। ज्यादा परेशानी महिलाओं को आई। जो दो घंटे तक लाइन में लगी रहीं और मुश्किल से उनका नंबर आया।
पूछने पर पता चला कि एक ही डॉक्टर मंगलवार को ड्यूटी पर थे। जिन्हें कई काम निपटाने के बाद ओपीडी में पहुंचना पड़ा। दूसरी चिकित्सक छुट्टी पर थी। जिस कारण आंख दिखाने के लिए बुजुर्गों को मंगलवार को काफी परेशानी हुई।