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धान की कीमतों में गिरावट पर भडक़े मिसान

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धान की कीमतों में गिरावट पर भड़के किसान
मार्केट कमेटी कार्यालय में किया प्रदर्शन
फोटो संख्या-15
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। वीरवार को धान के दामों में भारी गिरावट आने के कारण किसानों ने बोली रुकवाकर मार्केट कमेटी कार्यालय में प्रदर्शन किया। किसानों ने व्यापारियों पर उनको लूटने का आरोप लगाया। मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने इस पर तुरंत एक्शन लेते हुये व्यापारियों की बैठक ली और दोबारा से धान की बोली शुरू करवाई।
वीरवार सुबह लगभग 10 बजे नई अनाज मंडी में किसानों की धान की बोली शुरू हुई। बोली के समय राइस मिल वालों ने 1509 के दाम लगभग 2100 रुपये लगाये तो किसानों ने तुरंत कम मूल्य पर धान ना बेचने का निर्णय लिया और एकत्र होकर मार्केट कमेटी कार्यालय में गये और प्रदर्शन किया। मार्केट कमेटी के डीएमओ राधे श्याम शर्मा और सचिव नरेंद्र कुंडु किसानों की समस्या जानी। किसानों ने बताया कि कल तक उनकी 1509 किस्म की धान लगभग 2700 रुपये प्रति क्विंटल बिकी थी, परंतु वीरवार को बोली के समय इसके दाम केवल 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल रख दिये। बोली भी काफी कम मूल्य से शुरू करते हैं और केवल एक- एक रुपये की बोली देते हैं। यह उनके साथ मजाक है। किसानों ने बताया कि उनकी धान को तोलते समय राइस मिल वाले सरकार 37.5 किलो की भरती करवाते हैं, जिससे उनको मजदूरी के पैसे ज्यादा देने पड़ते हैं। धान की प्राइवेट खरीद की भरती केवल 50 किलो की होनी चाहिये। इस पर दोनों अधिकारियों ने किसानों को उनके सामने ही व्यापारियों का बैठक ले, समस्या हल करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में उपस्थित भारतीय किसान यूनियन के जिला कोषाध्यक्ष सतपाल दिलोवाली, सुरेन्द्र टीक, प्रदीप ग्योंग, जरनैल छौत, नरेंद्र छोत, सुरेंओ्र छौत, गुरनाम गढ़ी, रवि ग्योंग, सतविंद्र सीवन, अजय गोहरा खेड़ी, शेर सिंह नागल, सुरेश सिसमोर आदि अनेक किसान थे।
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किसानों की मांग पर दोनों अधिकारियों ने मंडी के आढ़तियों व राइस मिल मालिकों को बुलाकर बैठक ली और उन से इस कम मूल्य के बारे में पूछा। इस बैठक में मंडी प्रधान कृष्ण मितल, राइस मिल प्रधान मांगे राम खुरानियां, पवन बंसल, कृष्ण चंदाना, तरसेम गोयल, दर्शन लाल, अर्जन शर्मा व अनेक किसान शामिल थे। अधिकारियों ने कम मूल्य के बारे में जान तो राइस मिल प्रधान मांगे राम ने बताया कि जिला कैथल ही हरियाणा में सबसे ज्यादा मूल्य यहां पर किसानों को मिल रहे। पिछले दो दिनों से यह अच्छी किस्म की धान अधिक मूल्य लगभग 2500 रुपये था और अब इसके चावलों के दामों में भारी गिरावट है। राइस मिल मालिकों ने प्रदेश की मंडियों में फोन करके किसानों से रेट के बारे में जानकारी भी दिलवाई। जिससे किसान पुन: बोली के लिये सहमत हो गए। अधिकारियों ने पिछले दो दिनों के बोली रजिस्टर भी चेक किये, जिसमें पहले बिकी धान की मूल्य 2500 रुपये ही पाया गया।
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इउधर डीएमईओ राधे श्याम ने धान खरीद करने वालों को निर्देश दिया कि ढेरी में बोली करते हुए बहुत कम मूल्य का अंतर रखे और एक की बजाये कम से कम 10 से 50 रुपये की बोली बढ़ा कर दें। जिस पर दोनो पक्ष राजी हो गये और बोली के द्वारा फसल को बेचा गया।
वीरवार तक मंडी में 51 हजार 485 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है।
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