एक मंच पर आए धुर विरोधी सुरजेवाला और जयप्रकाश
जिला बार एसोसिएशन में एक मंच पर आए दोनों नेताओं ने कहा इस इलाके को आगे ले जाने के लिए एक होकर लड़ने का फैसला लिया
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बांगर की धरती पर करीब तीन दशक से एक दूसरे के धुर विरोधी रहे दो सिरे शनिवार को बार एसोसिएशन कैथल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एक हो गए। कांग्रेस पार्टी के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी एवं कैथल से विधायक रणदीप सुरजेवाला व कलायत से निर्दलीय विधायक पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश ने अपने दशकों पुराने वैचारिक व राजनीतिक मतभेद भुलाकर एक साथ बांगर सहित उत्तरी हरियाणा में राजनीतिक ताकत लाने के लिए एकजुटता का एलान कर दिया। साथ ही कहा कि बिना किसी शर्त व छोटे बड़े के उन्होंने आपसी मतभेद खत्म कर दिए हैं। अब इस क्षेत्र में राजनीति ताकत लाने के लिए एकजुटता से काम करेंगे।
बार एसोसिएशन में प्रधान आरसी गोयल सहित सचिव व अन्य अधिवक्ताओं ने दोनों नेताओं का यहां पहुंचने पर स्वागत किया। प्रधान आरसी गोयल द्वारा स्वागत करने के बाद पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं निर्दलीय विधायक जयप्रकाश ने कहा कि वकीलों के बिना राजनेता सुरक्षित नहीं रह सकता। लेकिन आज राजनीति को जनसेवा के बजाय लाभकारी सौदा बनाया जा रहा है। उन्हाेंने कभी स्वार्थ की राजनीति नहीं की। पिछले लंबे समय से रणदीप व मेरे बीच की बातों का सभी को पता है। इनका दांव लगा तो इन्होंने, मेरा दांव लगा तो मैंने पटखनी का प्रयास किया। यह गुल्ली डंडा था। लेकिन यह लड़ाई कभी व्यक्तिगत नहीं रही। यह राजनीतिक व वैचारिक लड़ाई थी। जिसे खत्म करके दोनों ने इस इलाके को आगे ले जाने के लिए एक होकर लड़ने का फैसला लिया है। मेरा इनेलो में झगड़ा था, उसमें समझौता कर लिया। बाद में बीरेंद्र सिंह से भी झगड़े रहे, उसमें समझौता कर लिया। अब रणदीप से भी सारे मतभेद दूर हो गए हैं। अभी वह निर्दलीय विधायक हैं और रहेंगे। हालांकि उन्होंने एक तरह से कांग्रेस में जाने का इशारा करते हुए कहा कि चुनाव निर्दलीय नहीं लड़ना चाहते।
उत्तरी हरियाणा में लाएंगे राजनीतिक ताकत : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रणदीप सुरजेवाला ने बार एसोसिएशन द्वारा रखी गई कोरिडोर की छत बनवाने व पार्किंग स्थल को पक्का करवाने के लिए सरकार बदलने से पहले काम करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कहा कि इलाके से नेता बनते हैं और नेता बनने के बाद इलाके को बनाते हैं। यदि इस क्षेत्र के नेता आपस में ही लड़ते रहे तो इलाके का भला नहीं हो सकता। इस क्षेत्र में राजनीतिक ताकत लाने के लिए जयप्रकाश से दशकों पुराना चल रहा वैचारिक व राजनीतिक मतभेद बिना किसी शर्त के एक ही बात में खत्म कर दिया और अब वे दोनों इस क्षेत्र में राजनीतिक ताकत लाने के लिए एक हुए हैं। सिरसा से लेकर आगे यमुनानगर तक एक कांग्रेस विधायक बना। लेकिन यदि एक होते तो इस क्षेत्र से और भी विधायक बन सकते थे। इस क्षेत्र में सिरसा, फतेहाबाद, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पंचकूला, अंबाला, पानीपत तक राजनीतिक ताकत एकजुटता से आएगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई जितना मर्जी लंबा चलती, इससे इलाके का नुकसान हो रहा था। उत्तरी हरियाणा की जमीन उपजाऊ है, लोग मेहनती हैं। लेकिन राजनीति में यह क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। इसी ताकत के लिए एक और एक ग्यारह मानते हुए एकजुटता से आगे बढ़ते हुए मुठी भर लोगों की बंधक बनी सत्ता की ढयोड़ी को पार करने का प्रयास है।
सुरजेवाला बने जिला बार एसोसिएशन के मानद सदस्य : बार एसोसिएशन के प्रधान आरसी गोयल ने सुरजेवाला को कैथल बार एसोसिएशन का मानद सदस्य बनाते हुए उन्हें पत्र सौंपा। इस पर सुरजेवाला ने बार का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने अपना वकालत का लाइसेंस रिन्यू करवाया हुआ है। अभी भी कभी मौका मिल जाता है तो वे कोर्ट में जाते हैं।
कलायत में दोनों का खासा प्रभाव : सुरजेवाला का पुराना राजनीतिक क्षेत्र नरवाना रहा है। जबकि जयप्रकाश का भी इनेलो में रहते हुए व इसके बाद भी नरवाना में सक्रिय रहे थे। इसके बाद से पिछले चुनाव में पहली बार कलायत से चुनाव लड़ा और विजयी रहे। सुरजेवाला व उनके परिवार का पहले नरवाना व बाद में कैथल चुनावी क्षेत्र रहा है। दोनों हलकों के बीच में स्थित कलायत हलके में भी सुरजेवाला अच्छा खासा प्रभाव रखते हैं। दोनों को एकजुट होने का काफी लाभ होगा। साथ ही कांग्रेस को भी इस एकजुटता का लाभ मिलेगा।
फोटो संख्या-20 से 23