3200 को नौकरी देने के कारण जेल में हूं, सरकार आने पर हर पढ़े लिखे को नौकरी दूंगा, चाहे मुझे फांसी पर लटका दें : चौटाला
आरकेएम पैलेस में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए इनेलो सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कहा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि 3200 युवाओं को रोजगार देने के लिए वे 10 साल की सजा भुगत रहे हैं। एक बार फिर हरियाणा में सरकार आई तो प्रदेश के हर पढ़े लिखे नौजवान को नौकरी दूंगा। चाहे इसके लिए मुझे फांसी पर ही क्यों ना लटका दिया जाए। यह बातें उन्होंने आरकेएम पैलेस में सोमवार को कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि आज देश के हालात वर्ष 1977 व 1989 से भी बदतर हैं। 1977 में कांग्रेस के शासन से तंग आई जनता ने स्व. जयप्रकाश और 1989 में ताऊ देवी लाल के नेतृत्व में सत्ता परिवर्तन किया था। आज जनता उससे भी ज्यादा परेशान है। चौटाला ने कहा कि ताऊ देवी लाल के नेतृत्व में बनी नीतियों का परिणाम था कि देश में नहरों का जाल बिछा। हरियाणा में एसवाईएल, दादुपर नलवी जैसी नहरें बनीं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2002 व पिछले कुछ समय पहले भी हरियाणा के हक में एसवाईएल के संबंध में फैसला दिया जा चुका है। लेकिन कांग्रेस व भाजपा सरकार किसानों को उसका हक नहीं दिलवा पाई हैं। दिल्ली में इनेलो की 7 मार्च की रैली का चौटाला ने कई बार जिक्र किया और कार्यकर्ताओं को बधाई देने के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को साथ जोड़ने की अपील की। साथ ही कहा कि जो संकट में पार्टी छोड़कर गए हैं, उन्हें पार्टी में लेने की सिफारिश कोई कार्यकर्ता ना करे। इनेलो का संगठन पूरे देश का सबसे बड़ा संगठन है। कांग्रेस सरकार में साजिश के तहत 10 साल के लिए जेल भिजवाया गया। लेेकिन इस बात की खुशी है कि उनकी गैर हाजिरी में भी संगठन उतना ही मजबूत है। चौटाला ने भाजपा की जींद रैली का जिक्र करते हुए कहा कि 40 से 50 करोड़ सरकार के खर्च कर दिए, लेकिन वहां कुर्सियां खाली रहीं।
चौटाला ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आपको जो आर्थिक नुकसान हुआ है। उसकी पूरी भरपाई की जाएगी। ऐसा सिस्टम तैयार किया जाएगा कि सत्ता रहे या ना रहे। उन्हें हर सुविधा मिलती रहे। सत्ताएं बदलती रहती हैं, लेकिन सिस्टम नहीं बदलते।
मेरे पिताजी के समय की चिट्ठी दिखाते हैं कार्यकर्ता : चौटाला ने कहा कि आज जो व्यक्ति इनेलो की सदस्यता की पर्ची कटवाए। वह उसे संभाल कर रखे। क्योंकि वह संगठन का पक्का साथी बन जाएगा। जिस तरह से मेरे पिता जी की चिट्ठी दिखाकर कार्यकर्ता आज भी बताते हैं कि वे ताऊ देवी लाल के समर्थक हैं, उसी तरह यह स्लिप भी उनके काम आएगी।
इस मौके पर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, पूर्व मंत्री सुरेंद्र मदान, जिलाध्यक्ष पंडित कंवरपाल करोड़ा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं सरपंच रामफल मलिक खुराना, युवा जिलाध्यक्ष बलराज नौच, वरिष्ठ अधिवक्ता मान सिंह, कानूनी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शशी वालिया, मीडिया संयोजक हरदीप पाड़ला, वरिष्ठ नेता धर्मपाल छौत, पूर्व चेयरमैन मेहर सिंह सैनी, रामफल मोर, पूर्व विधायक मक्खन सिंह, बूटा सिंह, व्यापार सैल के प्रदेश महासचिव अशोक जैन, राजू ढुल पाई, संपूर्ण कोयल, जाट शिक्षा समिति के प्रधान रणबीर ढुल फौजी, उप-प्रधान संदीप छौत, जसमेर तितरम, पूर्व चेयरमैन बुधराम नरड़, चंद्रभान दयौरा, जाट शिक्षा समिति के पूर्व प्रधान बलवान कोटड़ा, संजय जागलान, जोगेंद्र कसान, संतोष दहिया, अधिवक्ता नेपाल सिंह हाबड़ी, दिनेश त्यागी, ईश्वर मैहला, पूर्व सरपंच संजीव छौत, रणदीप कौल, डा. प्रदीप शर्मा, रमेश चहल, गुरचरण सिंह संजूमा, अनिल तंवर, ऋषि राज राणा, स. काबुल सिंह, रामचंद्र चौहान, पवन ढुल एडवोकेट, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष हरिकृष्ण सैनी सहित भारी संख्या में इनेलो कार्यकर्ता व नेता मौजूद थे।