अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। खंड ढांड में कृषि विकास अधिकारी ना होने का खामियाजा आसपास के दर्जनों गांवों को भुगतना पड़ रहा है। किसान हरिकेश, वेद प्रकाश, बलजीत सिंह, महेंद्र पाल, सोमदत्त, राजू, राजेश कुमार, शीशन चंद, राजबीर, प्रवीण कुमार, रामकिशन ने बताया कि ढांड में पिछले कई महीनों से कृषि विकास अधिकारी के दर्शन ही नहीं हुए है। विभाग के कार्यालय पर ताला जड़ा हुआ है। जिससे कृषि से संबंधित कोई भी तकनीकी जानकारी उन्हें नहीं मिल पा रही है।
किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा समय-समय पर कृषि उपकरणों तथा कृषि से संबंधित अन्य कई प्रकार की आर्थिक सहायता के लिए दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं। जिसके लिए संबंधित क्षेत्र के कृषि विकास अधिकारी द्वारा आवश्यक कागजात प्रमाणित करने के उपरांत ही किसानों को इस प्रकार की सब्सिडी दी जाती है। किसानों का कहना है कि एक तरफ तो सरकार खेती से किसानों की आय दोगुनी करने की बात कह रही है। लेकिन उन्हें खेती संबंधी तकनीकी जानकारी के लिए समय पर कृषि अधिकारी तक मुहैया नहीं करवा रही है। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ढांड में नियमित तौर से कृषि विकास अधिकारी को लगाया जाए।
भाकियू प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा का कहना है कि हलके के विकास कार्यों की जिम्मेदारी हलका विधायक की होती है। लेकिन हलका विधायक का इस ओर कोई ध्यान नही है। जिससे क्षेत्र के लोगों में विधायक के प्रति इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है।
कृषि विभाग कैथल डिप्टी डायरेक्टर डा. महावीर ने कहा कि विभाग के पास कृषि विकास अधिकारियों की कमी है। ढांड खंड के किसान अपनी कृषि संबंधी कार्यों के लिए पूंडरी में जाकर संपर्क कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर भौतिकी कार्यों के लिए पूंडरी स्थित विभाग के अधिकारियों के मोबाइल पर संपर्क कर सकते हैं।
कृषि संबंधी कार्यों के लिए भटकने को मजबूर किसान
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