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नंदीशाला बनी गायों की मृत्यु शाला

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नंदीशाला बनी गोवंशों की मृत्युशाला
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अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। प्रदेश सरकार की पहल पर बनाई गई नंदीशाला गुहला में गोवंशों की मृत्युशाला बनकर रह गई है। मंगलवार-बुधवार की रात फिर भूख और सर्दी से कांपते पांच गोवंश ने दम तोड़ दिया। नंदीशाला में इतने ही गोवंश की हालत इतनी खराब है कि कभी भी उनके प्राण पखेरू उड़ सकते हैं। इस सारे मामले में सबसे दुखदायी पहलू यह है कि आए दिन मर रहे गोवंश की मौत की जिम्मेदारी लेने को कोई भी तैयार नहीं है।
बुधवार को नगर पालिका के पूर्व प्रधान तरसेम गोयल ने पत्रकार वार्ता करके कहा कि नंदीशाला की देख रेख की जिम्मेदारी नगर पालिका की बनती है लेकिन पालिका पर काबिज राजेश शर्मा पिंटू गुट अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। गोयल ने कहा कि सभी विपक्षी पार्षदों ने कई बार खुले मन से कहा है कि अगर पालिका अध्यक्ष अमनदीप शर्मा नंदीशाला के रख रखाव पर खर्च के लिए कोई मीटिंग बुलाती हैं तो पूरा विपक्ष बिना शर्त उनका पूरा समर्थन करेगा तथा इस विषय के सारे प्रस्तावों पर मुहर लगाएगा।
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दूसरी तरफ नगरपालिका चेयपर्सन अमनदीप कौर के पति व भाजपा नेता राजेश शर्मा पिंटू ने कहा कि नगरपालिका के पास नंदीशाला के लिए मात्र पच्चीस लाख रुपये का बजट आया था जो नंदीशाला में चारदीवारी व शेड बनाने पर खर्च किया जा चुका है। उसके बाद नंदीशाला को लेकर नगरपालिका चेयरपर्सन के पास कोई लिखित आदेश नहीं आए हैं। ऐसे में चेयरपर्सन अपनी मर्जी से पैसा कैसे खर्च कर सकती हैं।

चार महीने में 60 की मौत : मात्र चार महीनों में नंदीशाला में 60 से अधिक गोवंश की मौत हो गई है। हालांकि नगर पालिका अधिकारी यह आंकड़ा गलत बताते हैं। बुधवार को पता चला कि एक गाय की मौत हुई है। जब पालिका सचिव को बताया गया कि 5 गोवंश को मृत पड़ा देखकर आए हैं तो उन्होंने कहा कि हमारे कर्मचारियों ने एक की रिपोर्ट दी है। पालिका सचिव सुशील भुक्कल ने गोवंश के सर्दी व भूख से मरने की बात को भी नकारा। उन्होंने कहा कि जब गोवंश सड़कों पर विचरते थे, तो पॉलीथिन वगैरह खा लेते थे। यह अब उनकी मौत का कारण बन रहा है।
गो सेवा आयोग के चेयरपर्सन भानी राम मंगला ने कहा कि पूरे प्रदेश में नंदीशालाओं के प्रशासक एसडीएम हैं। ऐसे में चीका नंदीशाला की देख रेख की जिम्मेदारी भी यहां के एसडीएम की बनती है। मंगला ने कहा कि चीका नंदीशाला में मरी गायों के संबंध में वे शीघ्र ही रिपोर्ट तलब करेंगे।
एसडीएम गुहला सुरेंद्र पाल ने साफ शब्दों में कहा कि उनके पास नंदीशाला के रख रखाव के संबंध में न तो कोई पत्र आया है और न ही कोई आदेश मिले हैं। उन्होंने कहा कि नंदीशाला नगरपालिका की जमीन पर बनी है तो उसका प्रबंध का जिम्मा भी नगरपालिका का बनता है।
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सचिव ने बीस नवंबर की बुलाई बैठक
चीका नंदीशाला के रखरखाव को लेकर नपा के सचिव सुशील कुमार भुक्कल ने बीस नवंबर को शहर के समाज सेवी लोगों की बैठक बुलाई है, जिसमें नंदीशाला के प्रबंधन के लिए आम लोगों की एक कमेटी का गठन किया जाएगा। सचिव ने बताया कि विधायक द्वारा बनाई गई कमेटी के सदस्यों को भी न्योता भेजा गया है। सबको मिलाकर 60 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी।

पांच गोवंश ने तोड़ा दम, इतने ही मरने की हालत में
कोई भी जिम्मेवारी लेने को तैयार नहीं
फोटो संख्या-39 व 40
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