कांग्रेस समर्थकों ने डीएसपी सहित दो एसएचओ और भाजपा नेताओं के साथ की मारपीट
एक एसएचओ चोटिल, भाजपा के मनोनीत पार्षद भी नहीं जा सके अंदर
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद भवन के अंदर जहां चेयरमैन यशपाल प्रजापति पर कांग्रेस की रणनीति भारी पड़ी। वहीं परिषद भवन के बाहर कांग्रेस समर्थकों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा। डीएसपी सहित दो एसएचओ व कई भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। एक एसएचओ के हाथ पर लाठी लगने से वह चोटिल भी हो गए। वहीं भाजपा के मनोनीत पार्षदों व 9 सदस्यीय कमेटी में शामिल नेताओं के साथ जमकर धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेताओं को उठा-उठाकर फेंक दिया। बाद में भाजपा नेताओं के कार्यालय के बाहर से हटने पर ही मामला शांत हुआ।
सुबह 11 बजे नगर परिषद भवन में डीसी की अध्यक्षता में बैठक अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक शुरू हो गई। इसी दौरान परिषद भवन के बाहर भाजपा व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने जब बीच बचाव की कोशिश की तो कार्यकर्ताओं ने उन पर भी हमला बोला जिस कारण पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मनोनीत पार्षद एडवोकेट रमेश गुप्ता ने जैसे ही परिषद भवन के अंदर जाने का प्रयास किया तो कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क उठे और उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। जबकि उन्हें पत्र लिखकर डीसी ने आमंत्रित किया था। इसके बावजूद दो अन्य मनोनीत पार्षदों को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने एडवोकेट गुप्ता को उठाकर पीछे धकेल दिया। तभी वहां भाजपा के जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना, राव सुरेंद्र, धर्मपाल शर्मा, रविभूषण गर्ग सहित अन्य भाजपा नेता भी उनका समर्थन करने लगे। इस दौरान एसडीएम ने भी बाहर आकर मनोनीत पार्षदों को अंदर जाने के लिए कहा तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसी बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं व भाजपा नेताओं के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई। कई लोगों में जमकर हाथापाई व मारपीट हुई। जिस पर पुलिस ने लाठियां भांज दी। इस दौरान डीएसपी व इंस्पेक्टर भी इस मारपीट की चपेट में आ गए। डीएसपी सतीश गौतम, एसएचओ अशोक कुमार व एसएचओ रमेश चंद के साथ धक्का-मुक्की व हाथापाई हुई। इस दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता की जमकर धुनाई हुई। भारी संख्या में लोगों ने एक व्यक्ति को जमकर पीटा। एसएचओ रमेश चंद के हाथ पर एक पुलिस कर्मचारी की ही लाठी जा लगी। इसके बाद भाजपा नेता परिषद भवन के अंदर गए बिना ही लौट आए। जब सभी भाजपा नेता वहां से हट गए तो कांग्रेस कार्यकर्ता भी शांत हो गए। भाजपा नेताओं के जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रणदीप सुरजेवाला जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
इस तरह से एसडीएम के प्रयास के बावजूद डीसी द्वारा बुलाए गए मनोनीत पार्षद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते अंदर नहीं जा सके। करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में परिषद भवन के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी तरह से हावी नजर आए।
डीएसपी सतीश गौतम ने अपने साथ हुई मारपीट की बात से इंकार करते हुए कहा कि उनके साथ व एसएचओ के साथ मारपीट नहीं हुई। भीड़ के दौरान धक्का-मुक्की जरूर हुई है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं भाजपा नेता रविभूषण गर्ग ने कहा कि पत्र लिखकर बुलाने के बावजूद मनोनीत पार्षदों को अंदर न जाने देना प्रशासन की नाकामी है, वहीं कांग्रेस ने गुंडागर्दी का परिचय दिया है।