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एक दिन बाद भी नहीं निकला अनाज मंडी में बारिश का पानी

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मंडी में सीवरेज व्यवस्था ध्वस्त, बारिश के पानी में डूबा किसानों का धान
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दो दिन बाद भी नहीं निकला अनाज मंडी से बारिश का पानी, आढ़ती और किसान परेशान
मंडी के बाहर गोशाला रोड पर भी घुटनों तक पानी, व्यापारी परेशानी
फोटो संख्या-6 व 7
अमर उजला ब्यूरो
कैथल। नई अनाज मंडी बारिश के एक दिन बाद भी पानी की निकासी नहीं हुई है। यहां घुटनों तक पानी जमा है। किसान अपनी फसल बचाने के लिए जूझ रहे हैं। आढ़तियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कैथल की अनाज मंडी से प्रति वर्ष मार्केट फीस के रूप में अरबों रुपया वसूलने के बाद भी वर्षा से किसानों की फसल बचाने में नाकाम रहती है।
मंडी के आढ़ती राम कुमार, काला राम, राम नारायण, ऋषि पाल, पवन कुमार आदि ने बताया की मंडी में सीवरेज कई वर्षों से बंद पड़े है। वे मार्केट कमेटी के अधिकारियों व कमेटी में आने वाले नेताओं तथा उच्च अधिकारियों के सामने अपना दुखड़ा सुनाते है। सिर्फ आश्वासन के सिवाए मंडी के आढ़तियों को कुछ नहीं मिलता। जब भी वर्षा होती है, किसानों की फसल उसमें डूब कर खराब हो जाती है और पानी में बह जाती है। लेकिन मार्केट कमेटी के अधिकारियों व नेताओं के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। मंडी में से गंदे पानी की निकासी के लिये सीवरेज व्यवस्था ठाक करवाने के लिये सारा जिला प्रशासन कुंभकरणी नींद सोया पड़ा है। उन्होंने बताया कि वीरवार को बारिश हुई और मंडी में बाढ़ आ गई। दो दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की स्थिति ज्यों की त्यों बनी है।
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बता दें कि मंडी में वर्षा से किसानों की फसल बचाने के लिये जो शेड बनाये गये हैं, उनके नीचे व आसपास किसानों की फसल खरीद कर व्यापारियों के द्वारा ढागें लगवाई हुई है और किसानों की फसल वर्षा में भीगती रहती है। मार्केट कमेटी के अधिकारी सारा दिन मंडी के अंदर घूमते रहते है और किसानों की ढेरियों को पानी में डूबे देखते तो हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करते।
मंडी सचिव दलेल सिंह ने कहा कि दो मोटर चलाई हुई हैं। जनस्वास्थ्य विभाग व मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारी इस काम में जुटे हुए हैं। प्रयास किया जा रहा है जल्द से जल्द पानी की निकासी हो।
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वहीं एसडीएम कमलप्रीत कौर ने बताया कि मंडी में आकर स्थिति देखी जाएगी और समस्या हल कर दी जाएगी। यदि किसानों की फसल पानी में डूबी पाई गई और शेडों में व्यापारियों का माल लगा पाया गया तो इस पर कार्रवाई की जाएगी।
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