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धीमी गति से चल रहे सड़क निर्माण से वाहन चालकों को परेशानी

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धीमी चल रही सड़क निर्माण की गति, परेशानी
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फोटो नंबर-29
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। पूंडरी से ढांड सड़क निर्माण का कार्य धीमी गति से चलने के कारण वाहन चालकों व फतेहपुर निवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित पूंडरी पाई कैंची चौक से ढांड तक लगभग 15 किलोमीटर की सड़क का पुनर्निर्माण किया जाना था। जिसमें से पाई कैंची चौंक से गुरु ब्रह्मानंद चौक तक लगभग 2 किलोमीटर, गुरु ब्रह्मानंद चौक से लाजपत वालिया मकान तक 1200 मीटर व फरल में खनौदा चौक से महाराणा प्रताप चौक तक 2200 मीटर में फोरलेन व डिवाइडर बनाया जाना था। जिसके लिए निर्माण कंपनी की समयावधि भी दिसंबर 2018 तक रखी गई है, लेकिन अभी तक कंपनी द्वारा सड़क को उखाड़ने का कार्य ही किया जा रहा है। जिसकी वजह से सड़क में जगह-जगह हुए गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। टूटी सड़क और फतेहपुर में सीगल सड़क होने की वजह से आये दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क में से गुरु ब्रह्मानंद चौक से पाई कैंची चौक तक की फोरलेन सड़क में से कुछ प्रतिशत काम किया गया है। शेष सड़क के कार्य में नाले और पुरानी सड़क से मटेरियल उठाने का ही कार्य चल रहा है। ग्रामीण नरेश कुमार, सुरेश पाल, बलजीत सिंह, लख्मी चंद, प्रदीप कुमार, मनोज कुमार व निशान सिंह ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि निर्माण कंपनी द्वारा जब कई वर्षों तक मात्र इतना ही काम किया गया है तो, शेष सड़क का कार्य कब तक पूरा होगा। क्षेत्र के लोगों ने सरकार से मांग की है कि सरकार इस कार्य में हस्तक्षेप करके निर्माण कार्य को शीघ्र निपटवाएं।
लोर्ड शिवा कंस्ट्रक्शन निर्माण कंपनी के मनेजर प्रवीण कुमार ने बताया कि सड़क के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा वन विभाग द्वारा अभी तक फोरलेन बनाई जाने वाली जगह से वृक्षों की कटाई न करना है। जिसके बारे में कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत भी करवाया जा चुका है। कंपनी द्वारा सड़क के निर्माण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। उम्मीद है कि 15 किलोमीटर की सड़क में से लगभग 19 किलोमीटर की सड़क पर रोड़ा डालकर दो लेयर लुक व बजरी की डालनी है। जिसका कार्य मार्च तक कर लिया जाएगा।
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पीडब्ल्यूडी द्वारा जहां से पेड़ कटाई करने के लिए कहा गया था, वहां पर खड़े वृक्षों की लिस्ट बनाकर उन्होंने कारपोरेशन विभाग को भेज दी थी और उन्होंने पेड़ों की कटाई भी कर दी थी, लेकिन अभी भी कहीं भी पेड़ रहते है तो उसके लिए अभी तक पीडब्ल्यूडी द्वारा उन्हें सूचित नहीं किया गया है। कहीं कोई पेड़ शेष रहते हैं और उन्हें कोई सूचना मिलती है तो वे उसकी लिस्ट भी विभाग को भेज देंगे।
ऋषिराज, रेंजर, वन विभाग पूंडरी।
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