दूसरे दिन चली केवल 20 बसें, दिन भर यात्री रहे परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। रोडवेज में निजी बसों को परमिट दिए जाने के विरोध में चल रही हड़ताल के बीच बुधवार शाम कर्मचारियों की गिरफ्तारी के समय बस अड्डा छावनी में तब्दील हो गया। जिससे कर्मचारियों सहित यात्रियों में हड़कंप मच गया। बस अड्डे के प्रवेश द्वार पर ही धरना दे रहे कर्मचारियों ने इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गिरफ्तारी की भनक लगते ही कर्मचारी नेता तो खिसक लिए। लेकिन पुलिस ने डीएसपी रामकुमार, सीआईए इंस्पेक्टर सत्यवान सिंह की अगुवाई में करीब 50 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। बस अड्डे पर ही खड़ी कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान की गाड़ी को पुलिस ने क्रेन मंगवाकर कब्जे में ले लिया।
इससे पूर्व सुबह हड़ताल के दूसरे दिन केवल 20 बसें ही कैथल बस अड्डे से निकल पाईं। दिन भर कर्मचारियों का धरना बस अड्डे पर जारी रही। निजी बसों के माध्यम से लोगों को हड़ताल के बीच कुछ राहत तो मिली। बुजुर्ग यात्री रामबतेरी ने कहा कि उसे जींद में अपनी बेटी के घर जाना था। हड़ताल की कोई जानकारी नहीं होने के कारण उसे काफी परेशानी हुई। वहीं राजकीय कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र अरुण ने बताया कि वह पूंडरी के गांव हाबड़ी से आता है। सुबह तो किसी न किसी तरीके से कॉलेज में आ गया लेकिन अब बसें पूंडरी तक भी नहीं जा रही है।
परेशान हुई विदेशी छात्राएं : नए बस स्टैंड पर करनाल जाने के लिए पहुंची विदेशी छात्राओं को भी परेशानी झेलनी पड़ी। छात्राओं ने बताया कि उन्हें करनाल में कुछ सामान खरीदने के लिए जाना था। लेकिन बसों के चलने के कारण वे वहां नहीं जा सकती। काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा।
जब तक मांगें नहीं मानीं जाती, जारी रहेगी हड़ताल
कैथल। रोडवेज तालमेल कमेटी के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों द्वारा शुरु की गई हड़ताल के दौरान कर्मचारियों का धरना बुधवार को भी जारी रहा। रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं एसटीएफआई के राज्य सचिव सतबीर गोयत ने बताया कि कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। धरने को बिजली विभाग के सुरेश शर्मा नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य उप महासचिव शिवचरण किसान सभा के जिला प्रधान महेंद्र सिंह, शिव दत्त शर्मा, छाजू राम, राजकुमार नेपेवाला ने भी संबोधित किया।