स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से खफा भागल के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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अमर उजाला ब्यूरो
गुहला चीका। हलका गुहला के दूसरे सबसे बड़े आदर्श गांव भागल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने का सरकारी दावा पूरी तरह फैल होता नजर आ रहा है। इलाज के लिए आने वाले ग्रामीणों को अकसर बैरंग लोटना पड़ता है। ग्रामीणों ने अस्पताल के सामने सरकार व विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण मुकेश कुमार, सुशील शर्मा, सुखदेव, रमन, दीपक, संदीप, सुभाष, सुनील, पिरथी, कुलवंत सिंह ने कहा कि अस्पताल में डाक्टर केवल हाजिरी लगाने के लिए ही आते हैं। यहां पर ना तो किसी प्रकार की दवाई मिलती है और ना ही चिकित्सक ड्यूटी पर रहते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर उन्हें अपना छोटा मोटा इलाज भी प्राइवेट अस्पतालों में ही करवाना पड़ा तो फिर गांव में अस्पताल की जरूरत ही क्या रह जाती है।
बदहाल हो चुका है गब्बर सिंह का विभाग: नोदी चीका
समाज सेवी एवं युवा नेता नोदी चीका ने कहा कि अपने आपको गब्बर सिंह कहने वाले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का खुद का विभाग पूरी तरह से बदहाल हो चुका है। अपने विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जुटा सकने वाले मंत्री दूसरे विभाग के बेकसूर अधिकारियों को सस्पेंड कर अपनी खिज मिटा रहे हैं। नोदी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को फालतू के काम छोड़ स्वास्थ्य विभाग की हालत सुधारने की तरफ ध्यान देना चाहिए।
गांव भागल की पीएचसी पूरे जिले में एक नंबर व प्रदेश में तीसरे नंबर की पीएचसी रही है। वहां पर पीएचसी स्तर की सभी सुविधाएं मौजूद है। गांव में तैनात डा संजीव गोयल की रात की ड्यूटी रही थी जिसके चलते वे दिन में उपलब्ध नहीं थे। पीएचसी में जरूरत की सभी दवाईयां व नर्स हर समय मौजूद रहती हैं।
डॉ. अजय शेर, एसएमओ गुहला।