संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। पंचमुखी चौक पर बारदाना की मांग के लिए धरना दे रहे किसानों की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को विकास तंवर सहित 17 किसानों को जमानत मिल गई। बुधवार की देर रात पुलिस ने धरना खत्म कराकर उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। मामले में ढांड थाना पुलिस ने विकास तंवर सहित 85 लोगों को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था।
ढांड तहसील में जमानत मिलने के बाद कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरा समाज सेवी विकास तंवर ने कहा कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए अगर बार-बार जेल जाना पड़े तो इससे हमें कोई फर्क नही पड़ता। हम कल जैसे थे जेल से आने के बाद आज भी वैसे ही हैं। उन्होंने कहा कि 27 मार्च को बारदाने की मांग को लेकर पंचमुखी चौक पर धरना देते समय पुलिस ने 17 लोगों को रात में हिरासत में ले लिया था। उन्हें साथियों समेत एक दिन जेल में काटनी पड़ी। शुक्रवार को दोपहर के समय भारी पुलिस बल के साथ विकास तंवर सहित 17 किसानों को ढांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। इसके बाद उन्हें जमानत मिल सकी।
तंवर ने नाराजगी जताते हुए यह भी कहा कि प्रशासन चाहता तो उसे 28 मार्च को ही जमानत मिल सकती थी, लेकिन दबाव के चलते उन्हें जानबूझ कर रात को जेल में रखा गया। उन्होंने कहा कि हमारी तो पहले भी बारदाने की मांग थी और आज भी बारदाने की मांग पर कायम है। इसके लिए पहले प्रशासन से बात करेंगे अगर बात नही बनी तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। हम चाहते है कि हमें शांतिपूर्ण तरीके से मंडी में बारदाना दे दिया जाए। जिससे हम अपनी गेहूं की फसल को मंडी में बेच सकें। हमारा अदानी साइलो को बंद करने का कोई इरादा नही है। हम तो चाहते है कि साइलो भी चले और मंडी में भी अनाज बिकता रहे ऐसी व्यवस्था हम सरकार को करनी चाहिए। जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने में सड़कों पर कई-कई दिनों तक लाइनों में खड़ा ना रहना पड़े।
तंवर ने कहा कि हमारा धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा था। कानून के दायरे में रहकर हम धरना दे रहे थे लेकिन प्रशासन पर ना जाने अचानक क्या दबाव आया कि रात में ही किसानों को उठाकर जेल में डाल दिया। किसान अन्नदाता है और अन्नदाता पर इस प्रकार से अत्याचार करना सरकार को शोभा नही देता। उन्होंने एक बार फिर जिला प्रशासन से मांग की है कि किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अनाज मंडी ढांड में बारदाना मुहैया करवाए जाए। जिस समय विकास तंवर सहित 17 किसानों को ढांड तहसील में जमानत के लिए लाया गया उस समय तहसील के बाहर सैंकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे। जैसे ही उन्हें जमानत मिली तो उसके समर्थकों ने सभी को फूल मालाएं डाल कर उनका सम्मान किया और लड्डू बांट कर खुशी मनाई। मंडी बंद तो अदानी बंद के नारे लगाते हुए अनाज मंडी के बाहर सड़कों से जुलूस की शक्ल में पंचमुखी चौक होते हुए गोगा माड़ी मंदिर में पहुंचे और वहां माथा टेक कर जलपान ग्रहण किया।