कैथल/पूंडरी। सोमवार की रात को अचानक आए तेज तूफान से गेहूं की कटाई का काम प्रभावित हुआ है। मंडियों में पड़ा गेहूं भीग गया। साथ ही खरीद कार्य भी प्रभावित हुआ। दोपहर तक मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू हो पाई। ज्यादा नमी युक्त गेहूं खरीदने के लिए मानकों पर खरा नहीं उतर पाता। वहीं खेतों में भी कंबाईन से गेहूं की कटाई का काम प्रभावित हुआ है। जहां फसल ज्यादा प्रभावित हुई है, वहां एक-दो दिन तक सूख जाने के बाद ही फसल काटी जा सकेगी। इसके अलावा कई क्षेत्रों में हवा चलने के से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। जिसमें फसल की चमक में भी असर हो सकता है।
कैथल अनाज मंडी में सुबह काफी सारा गेहूं भीगा हुआ नजर आया। रात को आए अचानक तूफान व बारिश से मंडी में पानी भर गया था। हालांकि बारिश ज्यादा नहीं हुई। लेकिन अचानक मौसम में बदलाव से गेहूं को कवर करने का अवसर नहीं मिला। किसानों रामगोपाल, कंवरपाल, रामनिवास, बलबीर राणा ट्योंठा, बक्खा सिंह, मदनपाल व संदीप राणा ने बताया कि तूफान व बरसात से फसल में नुकसान हुआ है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी, प्रवक्ता बिजेंद्र राणा फरल, भारतीय किसान संघ के नेता रणदीप सिंह आर्य का कहना है कि किसान कभी भी प्रकृति की मार से नहीं मरा क्योंकि प्रकृति का नियम है कि एक वर्ष अगर किसानों का नुकसान कर दे तो अगले वर्ष किसानों के नुकसान की भरपाई कर देती है।
मौसम के डर से किसान इस बार अधिकतर गेहूं कंबाइन से ही कटवाने की सोच रहा है और हर तरफ कंबाइन चलती नजर आ रही थी। तूफान की वजह से जहां कंबाइन की रफ्तार थमी वहीं पर किसानों की हाथ कटी खेतों में पड़ी गेहूं का तेज हवाओं ने तिनका तिनका कर दिया। अब किसानों को गेहूं को इकट्ठा करने की लेबर अलग से देनी पड़ेगी।
मंडी में उठान धीमा : अनाज मंडी में तीन दिनों से गेहूं की खरीद हो रही है। लेकिन जितना गेहूं खरीदा जा रहा है। उस हिसाब से उठान नहीं हो पा रहा है। कैथल मंडी में गेहूं के कट्टों का भंडारण नजर आ रहा है। यदि उठान में तेजी नहीं आई तो गेहूं डालने के लिए जगह मिलने में परेशानी होगी।