मौनी अमावस्या पर श्री कपिल मुनि तीर्थ के सरोवर में लगाई डुबकी
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। मौनी अमावस्या के अवसर पर कलायत के श्री कपिल मुनि मंदिर व तीर्थ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भारी ठंड के बावजूद भी सुबह से ही श्रद्धालु पवित्र कपिल तीर्थ में स्नान के लिए उमड़ पड़े। मंदिर परिसर में हवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ने आहुतियां डाली। मंदिर के मुख्य पुजारी वेद प्रकाश गौतम ने कहा कि माघ मास की अमावस्या जिसे मौनी अमावस्या कहते हैं, योग पर आधारित महाव्रत है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र संगम में देवताओं का निवास होता है। इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस मास को भी कार्तिक के समान पुण्य मास कहा गया है। अगर कोई व्यक्ति इस महीने में प्रयागराज में निवास व स्नान नहीं कर पाता तो कोई बात नहीं। ऋषियों ने इस माह में जल को गंगाजल के समान पवित्र बताया है। व्यक्ति कहीं भी हो, वहीं जल में स्नान करते समय गंगा का स्मरण मात्र करने से प्रयागराज में स्नान करने का पुण्य फल प्राप्त कर लेता है।