व्यक्ति की मृत्यु के 14 साल बाद उसके नाम से शपथ पत्र जारी करने के मामले में केस दर्ज
- बीते माह जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री अनिल विज ने दिए थे आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पिछले महीने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक व्यक्ति की मृत्यु के 14 साल बाद उसके नाम से शपथ पत्र जारी करने के मामले में केस दर्ज करने के निर्देश दिए थे। निर्देश पर पूरे एक माह बाद अब जाकर पुलिस ने केस दर्ज किया है। वीरवार को होने वाली विज की संभावित बैठक से एक दिन पहले दर्ज मामले में जनस्वास्थ्य विभाग में एक व्यक्ति की मौत के 14 साल बाद शपथ पत्र तैयार करने का आरोप लगाया गया है।
अमरगढ़ गामड़ी गली नंबर 3 कैथल निवासी ईश्वर सैनी की मृत्यु 20 फरवरी 1994 में हो गई थी। मृतक के बेटे गुरदास सैनी ने बताया कि पट्टी कोथ मानस रोड कैथल में उनकी जमीन है। उनकी जमीन में पब्लिक हेल्थ विभाग ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की पाइप लाइन निकाली हुई है। पाइप लाइन निकालते हुए विभाग ने उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया। जांच कराने पर पता चला कि 16 मई 2008 में मेरे पिता ईश्वर सिंह का फर्जी अंगूठा लगाकर (एलटीआई ईश्वर सिंह) लिखा हुआ है और यह शपथ पत्र नोटरी से अटेस्टेड करवाकर एनओसी के तौर पर पब्लिक हेल्थ विभाग में जमा करवाया गया। गुरदास सैनी का कहना है कि जब उसके पिता की मौत 1994 में हो गई थी तो कैसे उसके पिता 2008 में शपथ पत्र दे सकते हैं। गुरदास सैनी ने मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दी है। सब इंस्पेक्टर कुलविंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।