लोकल रूटों पर रोडवेज से तीन हजार तक कम आमदनी दे रहे निजी बसों के कंडक्टर
रोडवेज कंडक्टर जमा करवा रहे थे चार से पांच हजार, निजी बसों के कंडक्टर जमा करवा रहे महज एक से डेढ़ हजार रुपये
गिरफ्तार किए गए कर्मचारी नेताओं को पुलिस ने भेजा अंबाला व करनाल की जेल, पांचवें दिन भी नहीं चल पाई रोडवेज की बसें
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सरकार के आदेशों पर यात्रियों को दी जाने वाली सुविधा के तहत लोकल रूटों पर दौड़ाई गईं स्कूली बसों के संचालन से रोडवेज को नुकसान हो रहा है। जिन रूटों पर सामान्य तौर पर 4 से 5 हजार रुपये की प्रतिदिन की आय थी, वहां महज 900 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक ही राजस्व प्राप्त हो रहा है। इन स्कूल बसों को 30 रुपया प्रति किलोमीटर का भुगतान भी अलग से किया जाएगा। रोडवेज को कमाई के बजाय घाटा हो रहा है। ऊपर से रोडवेज की बसें न चलने से यात्रियों की परेशानियां ज्यों की त्यों हैं। हड़ताल के कारण लंबे रूटों पर बसें नहीं जा रही हैं।
बसों का सफर करके जानी हकीकत : स्कूली बसों में दौरा करने के बाद पाया गया कि कंडक्टर अधिकतर लोकल रूटों पर चक्कर लगा केवल एक हजार रुपये से 1500 रुपये ही विभाग में जमा करवा रहे हैं, जबकि विभाग से जानकारी हासिल की गई तो इन रूटों पर तीन हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक विभाग को आमदन होती है। स्कूली बसें के चलने के बाद दो दिनों में रोडवेज विभाग को केवल एक लाख रुपये की आमदन हुई है। जो रोडवेज की बसों से करीब दो लाख रुपये की होती है। सूत्रों ने यह भी बताया है कि कुछेक परिचालकों द्वारा भी पूरी राशि भी विभाग में जमा नहीं करवाई जा रही है।
अपरेंटिस पर युवाओं को साथ लगाया : जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि ऐसा अंदेशा था कि कंडक्टर हेराफेरी कर रहे हैं। इस पर विभाग की वर्कशॉप में आने वाले प्रशिक्षुओं को स्कूली बसों पर कंडक्टर के साथ भेजा गया है। ताकि वे उनकी निगरानी रख सके।
गिरफ्तार कर्मचारी नेताओं को पुलिस ने भेजा अंबाला व करनाल जेल : हड़ताल कर रहे रोडवेज नेताओं व अन्य कर्मचारियों को अंबाला व करनाल की जेल में भेज दिया गया है। वहीं कुछ को कैथल जेल में भी रखा गया है। डीएसपी कैथल मुख्यालय तरुण सैनी नेे बताया कि गिरफ्तार 200 के करीब कर्मचारियों में 96 कर्मचारियों को अंबाला जेल, 56 कर्मचारियों को करनाल जेल व बाकी बचे हुए कर्मचारियों को कैथल की जेल में रखा गया है।
राजौंद में विद्यालय स्टाफ ने किया हड़ताल का समर्थन
राजौंद। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सौंगल के स्टाफ सदस्यों ने रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। हसला के उप प्रधान कृष्ण दत्त शर्मा ने बताया कि यदि सरकार ने यह निजीकरण नहीं रोका और सरकारी कर्मचारियों का दमन बंद नहीं किया तो ये रोडवेज हड़ताल आम हड़ताल में बदल जाएगी। इस दौरान संजय राणा, सुरेश कैंदल, कृष्ण कुमार, कृष्ण दत्त, कुलदीप सिंह, राजेश कुमार, महावीर सिंह, बलबीर सिंह, सुशील कुमार, सतबीर सिंह, जयप्रकाश, रमेश कुमार, फूल कुमार मौजूद थे।