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अवैध क्लीनिक से सरकारी और नशीली दवाएं बरामद, संचालक काबू

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अवैध क्लीनिक से सरकारी और नशीली दवाएं बरामद, संचालक काबू
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गांव कांगथली का मामला, संचालक डॉक्टर के पास कोई डिग्री नहीं, पत्नी स्वास्थ्य विभाग में नर्स
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को गांव कांगथली में छापा मारकर अवैध निजी क्लीनिक के संचालक को काबू किया। क्लीनिक से अंग्रेजी और नशीली दवाएं बरामद कीं गईं। साथ ही सरकारी दवाएं भी बरामद की गई हैं। संचालक के पास कोई डिग्री नहीं थी। क्लीनिक संचालक की पत्नी स्वास्थ्य विभाग में बतौर नर्स कार्यरत है। पुलिस में अवैध रूप से क्लीनिक चलाने, नशीली दवाएं रखने, बिना किसी तरह की अनुमति के सरकारी दवाएं रखने के आरोप में केस दर्ज करने की शिकायत दे दी गई है।
सीएमओ डॉ. सुरेंद्र नैन ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि गांव कांगथली में अवैध रूप से क्लीनिक चलाया जा रहा है। सूचना के बाद जिला ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर प्रवीण चौधरी, डॉ. गौरव पूनिया, डीपीएम नरेंद्र सिंह की टीम का गठन किया गया। साथ ही पुलिस की सहायता लेकर वीरवार दोपहर को गांव कांगथली में पहुंच कर उधम सिंह क्लीनिक पर छापा मारा। वहां संचालक परमजीत सिंह से क्लीनिक संचालन के बारे में कागजात मांगे तो वे कोई वैध क्लीनिक नहीं दिखा पाए। बाद में सर्च करने पर अस्पताल से ही सरकारी अस्पताल में लोगों को निशुल्क दी जाने वाली दवाएं, 20 प्रकार की अंग्रेजी दवाओं के अलावा, नशे के 45 इंजेक्शन बरामद किए। वहीं पूछताछ में पता चला कि परमजीत की पत्नी कर्मजीत कौर विभाग में नर्स है। वह भूना में तैनात है। यहां सरकारी दवाएं मिलने के कारण उसकी भूमिका भी संदिग्ध है। इसीलिए पुलिस में उसके खिलाफ भी शिकायत दी जा रही है। इस दौरान सरकारी अस्पताल से जारी होने वाले निरोध, आयरन सहित कई तरह की दवाएं, सीरींज, महिलाओं व बच्चों के एंट्री कार्ड के अलावा काफी मात्रा में सुइयां बरामद हुईं। उन्हें कब्जे में ले लिया गया है।
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नशीली दवाएं मिलने के कारण एनडीपीएस एक्ट में भी शिकायत
छापेमार कार्रवाई में टीम को इस क्लीनिक से प्रतिबंधित नशीली दवाएं व इंजेक्शन मिले। इस कारण डॉक्टर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मामला बनता है। सीएमओ ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत भी पुलिस में शिकायत दी जा रही है। कई दवाएं ऐसी हैं, जिन्हें आजकल नियमानुसार चल रही केमिस्ट की दुकानों पर भी नहीं बेचा जा सकता। ये एनडीपीएस एक्ट की श्रेणी में आती हैं। यहां कुछ ऐसी ही दवाएं मिली हैं। एसएचओ सीवन इंस्पेक्टर जितेंद्र ने कहा कि विभाग की टीम के साथ पुलिस मौके पर गई है।

फोटो संख्या-16 से 19
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