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मोटरसाइकिल बिक्री में एसडीएम कार्यालय व एजेंसियों की मिलीभगत से धांधली....

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एक बाइक पर डेढ़ सौ से 400 रुपये अतिरिक्त वसूली, एजेंसी कर्मचारी ने कहा-एसडीएम दफ्तर में आरसी फाइल के साथ देने पड़ते हैं 150 रुपये
मोटरसाइकिल बिक्री में एसडीएम कार्यालय व एजेंसियों की मिलीभगत से धांधली, बंद कर दी गई पासिंग के नाम पर भी वसूली हो रही है
नसीब सैनी
कैथल। शहर में बिकने वाली मोटरसाइकिलों पर लोगों से 150 रुपये से लेकर 400 रुपये तक के अतिरिक्त वसूले जाने की बात सामने आई है। यह सब एसडीएम कार्यालय में वाहन रजिस्ट्रेशन करवाने वाली शाखा और मोटरसाइकिल बिक्री करने वाली एजेंसियों की मिलीभगत से हो रहा है। इस कथित अवैध वसूली के लिए कोई रसीद नहीं दी जाती। पिछले तीन-चार माह में बिकी नई मोटरसाइकिल मालिकों से वसूली गई राशि और मोटरसाइकिल की असली कीमत, बीमा, रजिस्ट्रेेशन व नंबर प्लेट के लिए जमा होने वाली पूरी राशि का मिलान किया जाए तो मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।
एक स्कूटी क्रेता ने बताया कि उसने मई माह में एक एजेंसी से स्कूटी खरीद थी। इसके लिए वह संबंधित एजेंसी में बिल, आरसी, बीमा सहित अन्य रसीदें प्राप्त करने के लिए गया तो उसके द्वारा किए गए भुगतान व बिलों व रसीदों में लगभग 500 रुपये से अधिक का अंतर आया। बार-बार कुरेदने पर एजेंसी कर्मचारी ने कहा कि इसमें से उन्हें प्रत्येक मोटरसाइकिल के हिसाब से 150 रुपये की राशि एसडीएम कार्यालय में आरसी की फाइल के साथ देनी पड़ती है। इस सूचना के बाद अमर उजाला द्वारा मामले में पड़ताल की गई तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया।
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सोमवार को अमर उजाला संवाददाता ने शहर में स्थित तीन मोटरसाइकिल एजेंसियों से कुटेशन लिए। इसमें एक एजेंसी में एक बाइक के लिए कीमत 53000 रुपये बताई गई। 2000 रुपये बीमा और 3800 रुपये की राशि आरसी के लिए खर्च बताई गई। इसके बाद इतनी ही कीमत की बाइक के लिए एसडीएम कार्यालय में से पता किया कि आरसी पर कितना खर्च आता है। वहां से जानकारी मिली कि पोस्टल खर्च के लिए 30 रुपये, स्मार्ट कार्ड के लिए 200 रुपये, रोड टैक्स के 2120 रुपये, टेंपरेरी नंबर के लिए 150 रुपये व नई रजिस्ट्रेशन के लिए 300 रुपये, नंबर प्लेट के लिए 242 रुपये की राशि ही जमा होती है। 260 रुपये की पर्ची डीआईटीएस की कटती है। इस तरह से आरसी के लिए कुल 3302 रुपये की राशि जमा होती है। इसके बाद ली जाने वाली राशि का उन्हें कोई अता-पता नहीं।
इसी प्रकार से एक अन्य एजेंसी में मोटरसाइकिल की कीमत 53243 रुपये, पासिंग के लिए 500 रुपये, बीमा के लिए 1850, आरसी के लिए 3500 रुपये व असेसरी के लिए 1050 रुपये की राशि बताई गई। जबकि एसडीएम कार्यालय से पता चला कि पासिंग के लिए कोई पैसा नहीं लिया जा सकता। सरकार ने यह बंद कर दिया गया है। वहीं आरसी के लिए एसडीएम कार्यालय में जमा होने वाली राशि का जोड़ 3500 रुपये नहीं बनता। इसी एजेंसी में स्कूटी की कीमत में भी पासिंग के लिए 500 रुपये की राशि कुटेशन में जोड़ी गई। जबकि पासिंग बंद है। दो एजेंसियों के कर्मचारियों ने कुटेशन लेने गए संवाददाता को सीधा कहा कि उन्हें फाइल के साथ 150 रुपया देना पड़ता है। जो ऊपर तक जाता है। लेकिन वे इसे लिखित में नहीं दे सकते।
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कार्यालय में कोई अतिरिक्त राशि लेने की उन्हें जानकारी नहीं है। पता करवाया जाएगा कि ऐसा कौन कर रहा है? यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीआईटीएस के नाम की 260 रुपये की पर्ची तो जरूर कटती है।
-कमलप्रीत कौर, एसडीएम
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