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हरियाणा ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों ने शुरु की तीन दिवसीय हड़ताल

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हरियाणा ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों ने शुरु की तीन दिवसीय हड़ताल
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पहले दिन ग्रामीण बैंको में 200 करोड़ रुपये का लेन देन हुआ प्रभावित
फोटो नंबर-27
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। भारत सरकार के ग्रामीण बैंकों के प्रति उदासीन रवैये को लेकर सोमवार को हरियाणा ग्रामीण के सभी कर्मचारी सोमवार को तीन दिन की हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिला की 32 शाखाओं में करीब दो सौ करोड़ रुपये का लेन देन प्रभाविज हुआ है। बैक कर्मचारियों में बैंक का शटर बंद कर सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। हरियाणा ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव कुमार मुकेश ने बताया 20 मार्च को ग्रामीण बैंकों में कार्यरत सभी संगठनों के सांझे मंच यूनाइटेड फॉरम ऑफ आरआरबी यूनियन्स ने अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर दिल्ली में धरना दिया था। उन्होंने बताया कि 20 मार्च को दिल्ली धरने के दौरान उनके एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री अरूण जेठली से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। 21 मार्च को लेबर कमीश्नर की मध्यस्थता में एक प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार के अधिकारियों से मिला। परन्तु कोई आश्वासन न मिलने के कारण उन्होंने अपनी तीन दिवसीय हड़ताल का पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम जारी रखना पड़ा। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक बैंकों के समान पेन्शन लागू हो। केन्द्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में दाखिल सीएपी 39288/2012 वापस ले। ग्रामीण बैंकों के प्राइवेटाइजेशन के लिए लाया गया अधिनियम वापस लो। उन्होने कहा कि अनुकंपा आधार पर ग्रामीण बैंकों में भी नौकरी दी जाए। व्यावसायिक बैंकों के समान कम्प्यूटर इंक्रिमेंट दिया जाए। प्रायोजक बैंकों के समान सेवा शर्तें लागू हों। दैनिक मजदूरी पर लगे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए। ग्रामीण बैंकों से वार्ता का मंच आईबीए होना चाहिए। इस मौके पर जसबीर राणा, प्रवीन अग्रवाल, दीपिका, सुदेश, हरशी मिगलानी, तमन्ना, करनैल सिह, अनिल कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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