अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। दिल्ली कूच के लिए जा रहे भाकियू के किसानों के 22 फरवरी को कब्जे में लिए गए ट्रैक्टरों को नहीं छोड़ने के विरोध में नेशनल हाइवे पर स्थित प्यौदा रोड पर सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। एक बार तो किसान महिलाओं सहित नेशनल हाइवे पर जाम लगाने के लिए पहुंच गए। लेकिन इसकी भनक लगते ही जिला प्रशासन की ओर से डीएसपी सतीश गौतम, तहसीलदार रविंद्र मलिक भारी पुलिस बल के साथ यहां पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को कुछ देर बाद ट्रैक्टर छुड़वाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद करीब 40 मिनट बाद किसानों के ट्रैक्टरों को छोड़ दिया गया।
किसान नेता होशियार सिंह गिल ने कहा कि वह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के रिहाई को लेकर लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहे थे जिसके चलते प्रशासन उन्हें हर रोज केवल आश्वासन दे रहा था। इस पर किसानों में गहरा रोष व्याप्त था। जिस पर सभी किसानों को सड़क पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा। डीएसपी सतीश गौतम ने बताया कि किसानों और प्रशासन के बीच ट्रैक्टर ट्रालियों की रिहाई को लेकर समझौता हो गया है, जिस पर कुछ समय के बाद विधिवत तरीके से किसानों को उनके ट्रैक्टर सौंप दिए गए। इस मौके पर भाकियू के युवा अध्यक्ष जसबीर प्यौदा, धीरा बिल, विकास रामगढ़, देवा राम, संदीप, नरेश ढूल, बलबीर गिल सहित अन्य किसान सहित अन्य मौजूद रहे।
दिल्ली कूच के समय कब्जे में लिए ट्रैक्टरों को नहीं छोड़ा तो किसानों ने प्यौदा रोड पर किया प्रदर्शन
नेशनल हाइवे पर जाम लगाने से पूर्व डीएसपी सतीश गौतम पहुंचे, आश्वासन दिया
40 मिनट में छोड़ दिए 22 फरवरी से कब्जे में लिए गए ट्रैक्टर-ट्राली
फोटो नंबर-6 से 9