कमरे तो बनवा दिए, प्लास्टर कराना भूल गए अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
पाई। बारह सालों से पाई के स्कूल में कमरे निर्माणाधीन हैं। पाई की सर्व मंगल कामना ट्रस्ट के सदस्य महावीर, वीरेंद्र ढुल, राजा राम, पूर्व सरपंच बलवीर सिंह फौजी, जिला पार्षद इंद्र ने बताया कि लगभग 12 वर्ष पूर्व पाई के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में सरकार द्वारा लगभग तीस लाख की ग्रांट मंजूर की थी। जिसके तहत स्कूल में तीन ग्रांटों के माध्यम से लगभग एक दर्जन कमरे बनाये गये। कमरे बनने के बाद उनमें सीमेंट से पक्का करवाना था, परन्तु जिला के प्रशासनिक अधिकारी उन बने बनाये कमरों में प्लास्टर करना भूल गये और उसकी ग्रांट की अंतिम किस्त आज तक जारी नहीं की। जिस कारण अब वे कमरे भी जर्जर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि जल्द ही उन कमरों में प्लास्टर नहीं किया गया तो वे गिर कर खंडहर बन जायेंगे। जिससे सरकार के करीब 25 लाख रुपये बर्बाद हो जाएंगे। स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए कमरों की कमी है। कमरों की कमी को देखते हुये ही स्कूल में ये कमरे बनवाने का फैसला लिया गया था।
तत्कालीन स्कूल प्रधानाचार्य रघुवीर सिंह कादियान ने बताया कि स्कूल में बच्चों को बैठाने के लिये कमरों की कमी थी। वर्ष 2007- 08 में मेरे कार्यकाल में चार वर्ष चक्कर काटने के बाद इनको बनाने की ग्रांट मंजूर हुई थी। जिसमें से तीन ग्रांट मिल चुकी थी। उन ग्रांटों के द्वारा स्कूल में कमरों का निर्माण, दरवाजे, लेंटर का काम हो गया था। चौथी ग्रांट जो लगभग 7.91 लाख की थी, उससे इनमें प्लास्टर होना था। इसके बाद मेरा ट्रांसफर हो गया।
नए प्रधानाचार्य सतीश भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने विभाग व पंचायत पाई को इस अधूरे कार्य से लिखित रूप में अवगत कराया है।
जिला शिक्षा अधिकारी रामकुमार ने कहा कि अभी उन्हें इस बारे में पता चला है। शीघ्र ही इस संबंध में एस्टीमेट बनाकर भेजा जाएगा।
12 साल से अधूरा पड़ा है कमरों का निर्माण कार्य, ग्रांट की अंतिम किस्त नहीं की जारी
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