आंगनबाड़ी वर्कर्स ने रविवार को भी दिया लघु सचिवालय में धरना
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सीटू ग्रुप की आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर यूनियन का लघु सचिवालय में धरना जारी रहा। जिसकी अध्यक्षता राजबाला जाखौली व किरण भागल ने की। मंच का संचालन नीतू राजौंद ने किया। राजबाला जाखौली ने कहा कि सरकार द्वारा आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर को पक्का किया जाए। उन्होंने बताया कि शहरी आंगनबाड़ी के लिए 6 हजार रुपये व ग्रामीण आंगनबाड़ी के लिए 3 हजार किराया दिया जाए। उन्होंने बताया कि बहुत लंबे समय से उनको मानदेय भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्करों को ग्रेड व हेल्परों को डी ग्रेड दर्जा दिया जाए व 18000 न्यूनतम वेतन किया जाए। उन्होंने बताया कि 5 मार्च को करनाल में जिले की सभी वर्कर एवं हेल्पर धरना प्रदर्शन में भाग लेगी। सीपीआई के जिला सेक्रेटरी हरभजन सिंह आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर को समर्थन दिया और कहा कि उनकी मांगें जायज हैं। क्योंकि महंगाई के दौर में 18000 रुपये वेतन बहुत कम है। महिला जनवादी समिति की प्रधान शर्मिला पिल्खन ने भी समर्थन किया। मिड डे मील वर्कर ने भी आकर समर्थन किया । इस मौके पर नीतू, शशि, सत्यावान, अंजू, किरण, अनीता, सुनीता, पिकीं, रेखा मौजूद रहे।
भाकपा ने किया आंगनबाड़ी वर्कर्स के धरने का समर्थनकैथल। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला सचिव कामरेड प्रेम चंद ने धरने पर जाकर आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर पिछले 43 सालों से काम कर रही हैं, परंतु उन्हें आज तक मजदूर भी नहीं माना गया और न ही कर्मचारी। सरकार को यूनियन प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करके मांगों का समाधान जल्द निकालना चाहिए। मंहगाई लगातार बढ़ रही है परंतु मजदूरी घट रही है।