कैथल। वृद्धावस्था पेंशन का लाभ पाने के इच्छुक बुजुर्गों को आयु प्रमाण पत्र के लिए मेडिकल करवाने में जिला नागरिक अस्पताल में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिन बुजुर्गों के पास आयु का कोई प्रमाण नहीं है, समाज कल्याण विभाग उन्हें पेंशन का लाभ देने के लिए मेडिकल की मांग कर रहा है। बुजुर्गों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है। ऐसे में सप्ताह में जांच करवाने के लिए एक दिन मिलने के कारण बुजुर्गों की संख्या ज्यादा हो जाती है। शुक्रवार को भी अस्पताल में हालात ऐसे ही रहे। कैथल शहर व राजौंद क्षेत्र के गांवों से 325 से भी ज्यादा बुजुर्ग जांच करवाने के लिए पहुंचे। इनमें कैथल शहर से 191 व राजौंद से 128 बुजुर्ग पहुंचे थे। जांच के लिए आए बुजुर्गों की बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। बुजुर्ग बुद्धू राम, पृथ्वी सिंह, कृष्ण लाल, सूबे सिंह, दिवानचंद, लक्ष्मी व सरबती ने बताया कि वे जांच को लेकर अस्पताल के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें बिना जांच के वापस जाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि बुजुर्गों की जांच के लिए अलग से अधिकारी लगाया जाए, ताकि रोजाना जांच हो और उन्हें बार-बार चक्कर लगाने से छुटकारा मिल सके।
न पानी और पंखे की सुविधा :-
स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष जताते हुए बुजुर्गों ने कहा कि जिस जगह पर उनका मेडिकल बनता है, वहां न तो पानी की व्यवस्था है और न ही पंखे लगाए गए हैं। गर्मी और भीड़ के कारण दिक्कतें और ज्यादा बढ़ जाती हैं। जो बुजुर्ग ज्यादा चलने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें परेशानी ज्यादा रहती है। पानी पीने के लिए भी दूसरी मंजिल से उतरकर नीचे गेट पर जाना पड़ता है।
पहले भी लगा चुका दो बार चक्कर :
राजौंद से अस्पताल पहुंचे पृथ्वी सिंह ने बताया कि वह पहले भी दो बार चक्कर काट चुका है, लेकिन अभी तक जांच नहीं हुई। वह सुबह अस्पताल में पहुंचा था, लेकिन डॉक्टर देर से आए। बुजुर्ग ने यह भी कहा कि जो लोग शिफारिस लगाते हैं, उनका काम पहले हो जाता है।
डॉक्टरों की कमी बनी परेशानी :
सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण लोगों को थोड़ी दिक्कतें आ रही हैं। इस संबंध में विभाग को पत्र लिख कर अवगत करवाया गया है। जैसे ही नए डॉक्टर आते हैं, लोगों की समस्या का समाधान करवाया जाएगा।