फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदहाल हुए पार्कों पर खुली नगर परिषद की नींद

विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल। अमर उजाला द्वारा पार्कों की बदहाली पर प्रमुखता से लगातार सामाचार छापे जाने और एक और सुधार प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रॉकी मित्तल द्वारा निरीक्षण के बाद सोमवार को बदहाल हुई पार्कों पर आखिरकार नगर परिषद की चिरनिद्रा टूट गई। परिषद ने फैसला लिया है कि अब पार्क के आस-पास की कालोनियों में यदि कोई सोसायटी बनी है और वह पार्कों की मेंटेनेंस का काम लेना चाहती है तो परिषद प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से सोसायटी को भुगतान कर देगी। इससे पार्कों के देखरेख में हो रही गड़बड़ी को रोकने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन

रविवार को डायरेक्टर रॉकी मित्तल ने जवाहर पार्क और चिल्ड्रेन पार्क का निरीक्षण किया था। जहां उन्हें काफी अव्यवस्थाएं मिली थीं। इसके बाद रॉकी सोमवार को नगर परिषद परिसर में अधिकारियों के साथ बैठक कर अव्यवस्थाओं के समाधान पर चर्चा की। जिसमें अधिकारियों ने शहर की पार्कों को देखभाल को लेकर नई रणनीति बनाई। ईओ अशोक हुरिया ने बताया कि सरकार की नोटिफिकेशन के तहत पार्क के समीप स्थित लोग सोसायटी बनाकर नप से पार्क की देखभाल कर सकते हैं। जिसमें उन्हें सरकार के निर्देशानुसार तीन रुपये प्रति गज प्रति माह के हिसाब से राशि दी जाती है। इस पर यहां मौजूद वार्ड 20 में जींद रोड की मॉडल टाउन एसोसिएशन ने इस पर पहल करते हुए मॉडल टाउन में स्थित पार्क की देखरेख करने का जिम्मा लिया। इस पर ईओ ने कहा कि शहर की अन्य पार्कों के समीप रहने वाले लोग भी सोसायटी बनाकर सिक्योरिटी गार्ड, सफाई व्यवस्था और माली के लिए कमेटी से राशि लेकर पार्क की देखभाल का जिम्मा ले सकते हैं। मॉडल टाउन सोसायटी यह जिम्मेदारी लेने को तैयार हो गई है।
ठेकेदार को भी लताड़ा:
पार्काें की बदहाली पर नप परिसर में पहुंचे एक और सुधार प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रॉकी मित्तल ने पार्क के ठेकेदार बलबीर नौच को यहां बुलाकर उसे लताड़ भी लगाई। जिस पर मित्तल ने एक सप्ताह में पार्क की हालत दुरुस्त न करने की स्थिति में उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी बात कही। इस पर ठेकेदार ने अपनी गलती मानते हुए एक सप्ताह में पार्क की व्यवस्था को दुरुस्त करने का आश्वासन भी दिया। इसके साथ ही पार्क में मोटरसाइकिलों की एंट्री पर पूरी तरह से बैन लगाने के भी आदेश दिए।
विज्ञापन

माता गेट स्थित शहीद ऊधम सिंह पार्क का भी किया निरीक्षण
एक और सुधार प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ने सोमवार सुबह नप में अधिकारियों की बैठक लेने से पहले माता गेट स्थित शहीद ऊधम सिंह पार्क का भी निरीक्षण किया। यहां पर उन्हें काफी अनियमितताएं मिलीं। सबसे पहले रॉकी मित्तल ने शौचालयों की जांच की। जहां पर टाइलें टूटी मिली। इसके बाद पार्क में अंदर इंट्री की तो यहां पर घास बिल्कुल सूखी हुई मिली। यहां पर पानी की व्यवस्था को देखा तो यहां पर भी पानी नहीं मिला। सैर करने के लिए आए लोगों द्वारा स्वयं पानी के घड़े लाए गए थे। यहां झूले भी टूटे मिले। दोनों ओर से आने वाले गेट भी टूटे हुए मिले। लोगों से पार्क की सभी समस्याओं की जानकारी हासिल की। सैर करने पहुंची महिला कमलेश, नोनी, बिमला ने बताया कि पार्क में गड्ढे बने हैं जिस कारण यहां पर योग नहीं हो पाती है। डायरेक्टर ने यहां पर कर्मचारियों की जानकारी हासिल की तो पार्क में एक भी कर्मचारी की ड्यूटी भी नहीं लगाई गई। जिस पर बैठक के समय ईओ को पार्क में कर्मचारी रखने के आदेश दिए।
एक और सुधार प्रोजेक्ट के डायरेक्टर मित्तल ने बताया कि सोमवार सुबह ऊधम सिंह पार्क का भी निरीक्षण किया गया। इसके बाद ईओ व अन्य अधिकारियों के साथ समस्याओं को लेकर बैठक की गई। नप में कोई भी महिला शौचालय नहीं मिला। जिस पर ईओ को महिला शौचालय स्थापित करने के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि पार्कों की देखरेख के लिए ठेकेदार को सालाना 36 लाख रुपये की राशि सरकार की ओर से दी जाती है। इसके बावजूद भी जनता को सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। जिससे सरकार को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। यदि एक सप्ताह के अंदर पार्कों की हालत दुरुस्त नहीं हुई तो ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें