पूंडरी। आखिरकार 52 घंटे बाद पूंडरी के सुमित का शव सिरसा ब्रांच से बरामद कर लिया गया। शुक्रवार से सुमित की खोज में नहर के चप्पे-चप्पे पर तलाशी अभियान चलाया गया। रविवार को भी नायब तहसीलदार कैथल ईश्वर सिंह व नायब तहसीलदार सुभाष चंद की देखरेख में तलाशी अभियान चलाया। दोपहर दो बजे के करीब गांव फरल स्थित घोड़ा पुली वाले पुल पर सुमित का शव पानी के ऊपर दिखा। 48 घंटे बाद शव के फूलकर ऊपर आने के अनुमान लगाए जा रहे थे और हुआ भी वैसा ही।
सुमित की तलाश में परिजनों और प्रशासन ने चंदाना हेड तक नहर की खाक छान दी थी। लेकिन सुमित का शव डूबने वाली जगह से करीब दो किलोमीटर दूर ही मिला। गोताखोर व ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए कैथल भेज दिया गया। सुमित का शव मिल जाने के बाद प्रशासन ने तो राहत की सांस ले ली। लेकिन सुमित का शव मिलने की खबर ने पूंडरी में एक बार फिर मातम का माहौल छा गया। शव मिलने की खबर के बाद सैकड़ों शहरवासी मौके पर पहुंचे।
52 घंटों से परिवार व रिश्तेदार भूखे प्यासे सुमित की तलाश में थे : शुक्रवार से जब से परिजनों व रिश्तेदारों को सुमित के डूबने का समाचार मिला था। तभी से परिजन सुमित को खोजने में खेड़ीमटरवा से पन्न चक्की फतेहपुर, काकौत व चंदाना हेड तक दिन-रात नहर की पटरी पर घूम-घूमकर सुमित की खोजबीन में लगे हुए थे। लेकिन सुमित का कहीं भी कोई पता नहीं चलने से परिजन दोहरी मार सहने को मजबूर थे। परिजन ही नहीं बल्कि रिश्तेदार व कस्बावासियों के साथ आसपास के गांवों के लोग भी लगातार इस बात से चिंतित थे। पूरा कस्बा परिवार के साथ दुख ही इस घड़ी में साथ खड़ा दिखाई दिया। शाम को सुमित का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुमित की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता राजपाल को यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसका लाड़ला अब इस दुनिया में नहीं रहा। विदित रहे कि खजानचंद व सुमित दोनों नहाते समय डूब गए थे। खजानचंद का शव शुक्रवार को ही मिल गया था। लेकिन सुमित की खोज में लोग तीन दिन से जुटे हुए थे।