कैथल। 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गए तापमान को लेकर प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। जिसमें गर्मी से बचने के उपायों का पालन करने का आह्वान किया गया है।
डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि बढ़ती गर्मी के कारण मौसम शुष्क है और गर्म हवाएं भी चल रही हैं। इस गर्मी के मौसम और गर्म हवाओं से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए। गर्मी के मौसम में गर्म हवाएं व लू काफी तेज गति से चलती हैं और ऐसी कठिन परिस्थिति में सावधानी बरतना अति आवश्यक है तभी हम सुरक्षित रह सकते हैं।
1. गरम हवाएं और लू से बचने के लिए एहतियात बरतें।
2. मौसम की भविष्यवाणी के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखें, समाचार पत्र पढ़ें ताकि उन्हें समय-समय पर गर्म हवाओं व लू की जानकारी मिल सके।
3. धूप में बाहर जाने के दौरान हल्के रंगों के ढीले तथा सूती कपड़े पहनें तथा सुरक्षात्मक चश्में, छाता, पगड़ी, टोपी, जूते या चप्पल का उपयोग करें।
4. यात्रा करते समय अपने साथ पानी अवश्य रखें, यदि आप बाहर काम करते हैं तो टोपी या छाते का उपयोग करें।
5. सिर, गर्दन, चेहरे पर नम कपड़ा रखें। शरीर को पुन: हाइड्रेट करने के लिए ओआरएस या घर के बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, नींबू पानी, छांछ का प्रयोग करें।
6. गर्मी के स्ट्रोक, गर्मी के दाने या गर्मी से ऐंठन, कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, मिरगी के दौरे के लक्षणों को पहचाने तथा यदि बेहोश या बीमार महसूस करें तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
7. मवेशियों को छाए में रखें और उन्हें भी पर्याप्त मात्रा में पानी दें।
8. अपना घर ठंडा रखें, दिन के दौरान पर्दे, पटर का उपयोग करें। रात में खिड़कियां खुली रखें तथा पंखों व नम कपड़ों का प्रयोग करें व ठंडे पानी से नहाएं।
9. कार्य स्थल के पास ठंडा पेयजल उपलब्ध करवाएं, श्रमिकों को प्रत्यक्ष सूर्य के समक्ष होने वाले कार्यों से बचाएं और श्रमयुक्त कार्यों को दिन के ठंडे समय के दौरान करें।
10. बाहरी गतिविधयों के दौरान आराम के समय को बढाएं और गर्भवती, मजदूरों का चिकित्सकीय परामर्श की स्थिति में अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए। बच्चों या पालतू जानवरों को न छोड़ें, दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर जाने से बचें।
11. उच्च प्रोटीनयुक्त व बासी भोजन न खाएं।