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मुख्यमंत्री के गोद लिए गांव के किसान चले नेट हाउस की राह

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नसीब सैनी
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कैथल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गोद लिए गांव क्योड़क के किसानों ने नेट हाउस की राह पकड़ी है। राह भी इतनी तेजी से पकड़ी है कि एक साल में ही एक किसान से शुरू हुआ काम, 15 किसान लाइन में लग गए हैं। अगले ही साल छह किसान नेट हाउस लगा चुके हैं। जो लाइन में लगे हैं, उन्हें भी विभाग से सब्सिडी जल्द मिलने की उम्मीद है। एक एकड़ से किसान दस से बाहर लाख रुपये की आमदनी सुनिश्चित कर रहे हैं।
गांव क्योड़क निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने एक साल पहले गांव में नेट हाउस लगाया था। जिस पर करीब सात से आठ लाख रुपये की लागत आई थी। इस नेट हाउस में पहले ही साल उसने खीरा लगाया। जिसे बठिंडा के व्यापारी खरीदते हैं। पहले ही साल में उसका खर्च निकल गया। दूसरे साल उसने दूसरे एकड़ में भी नेट हाउस लगाया, पहले नेट हाउस लगा होने के कारण इस बार लागत करीब 4 लाख रह गई। खीरे को ले जाने के लिए ट्रांसपोर्टेशन भी व्यापारी खुद वहन करते हैं। उन्हें केवल खेत में खीरा उगाना है। इसकी कीमत बतानी है। यहीं पर भुगतान हो जाता है। एक एकड़ खीरे में ही करीब 10 से 12 लाख रुपये की आमदनी हो रही है। उसके साथ-साथ किसान श्रवण सिंह शेर, जगपाल प्रेम सिंह ने भी नेट हाउस लगाया है। 6 किसानों के खेतों में नेट हाउस लग चुका है। 10 अभी लाइन में हैं। इसके लिए बागवानी विभाग से सब्सिडी मिलती है।
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खीरे के अलावा इसमें शिमला मिर्च, टमाटर व सामान्य मिर्च का उत्पादन होता है। इस बार सभी ने खीरा लगाया है। जो अलग-अलग व्यापारियों को बेच रहे हैं।
विभाग देता है सब्सिडी: जिला बागवानी अधिकारी अंशुल आनंद ने बताया कि प्रगतिशील किसानों के लिए यह बहुत ही लाभकारी योजना है। जिसमें पिछले साल तक 65 प्रतिशत तक सब्सिडी थी। नए वित्त वर्ष की गाइडलाइन अभी आनी है। इसमें बिना सीजन की सब्जियां भी तैयार हो जाती हैं। जिसका उत्पादन भी ज्यादा होता है और गुणवत्ता भी काफी अच्छी होती है। जिससे मार्केट में लाभ भी ज्यादा मिलता है। पूरे जिले में करीब 70 से 80 लोग नेट हाउस लगा रहे हैं। क्योड़क में पिछले साल काफी किसानों ने नेट हाउस लगाया है। इस बार भी काफी लाइन में हैं।
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