कैथल। शहर के ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्कवायर में हुए भ्रष्टाचार मामले को एक बार फिर से पार्षद एकजुट हो गए हैं। भ्रष्टाचार में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर दोबारा से पार्षद नगर परिषद परिसर में सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना देंगे। इस मामले को लेकर शनिवार को एकजुट हुए सभी पार्षदों ने माता गेट स्थित सूरजकुंड मंदिर में बैठक कर रणनीति बनाई।
बैठक के दौरान पार्षद प्रतिनिधि धर्मबीर भोला ने कहा कि अब तक पार्षदों के मुताबिक कोई भी संतोषजनक जांच नहीं हुई है। जिसमें सरकार को चेताने के लिए 20 से अधिक पार्षद सोमवार को नगर परिषद परिसर में अनिश्चितकालीन धरना देंगे। भोला ने कहा कि जिला की जनता को एक लंबी मांग के बाद शहर का ड्रीम प्रोजेक्ट पूरे होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन इसके शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद निर्माण कार्य में अनियमितता आ गई और इसमें भ्रष्टाचार का बोलबाला हुआ।
पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि एक बार पहले दिए गए धरने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर के आश्वासन के बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज हुई लेकिन इससे आगे जांच नहीं बढ़ पाई। जिसमें जिला प्रशासन का काफी ढील मूल रवैये के कारण जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
पार्षद राकेश सरदाना ने कहा कि सिटी स्कवायर में भ्रष्टाचार मामले को लेकर डीसी द्वारा हाउस की बैठक न बुलाने पर हाईकोर्ट में केस चल रहा है। जिस पर 30 मई को फैसला आ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और जिला प्रशासन धरने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं करता तो पार्षदों द्वारा क्रमिक भूख हड़ताल भी शुरू की जाएगी।
इस बैठक में पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, राकेश सरदाना, प्रवीन शर्मा उर्फ काला सांघन, राकेश गुप्ता एडवोकेट, विनोद सोनी, गौरव ढुल उर्फ गोल्डी, नरेश मित्तल, गोपाल सैनी, पार्षद प्रतिनिधि धर्मबीर भोला, काका सचदेवा, प्रवीन सिंगला, वरूण मित्तल, भीम सेन अग्रवाल, संजय गर्ग सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे।
यह है मामला - शहर में पुराने बस अड्डे की जगह में करीब 36 करोड़ रुपये के सिटी स्कवेयर मामले में पुलिस द्वारा चेयरपर्सन सीमा कश्यप व पूर्व ईओ सहित 11 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज है। इस मामले में पार्षद जांच के बाद कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।