कलायत। इनेलो प्रत्याशी अर्जुन चौटाला ने कहा कि उनके दादा व परदादा ने ही कलायत का विकास करवाया था। इसके बाद दस साल यहां कांग्रेस की और 5 साल भाजपा की सरकार रही। कलायत शहर तो क्या किसी गांव की ओर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। कई गांवों में यहां पीने का पानी नहीं हैं। कई जगह सड़कों की हालत खराब है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कलायत पूरी तरह से पिछड़ा हुआ है। यहां के बच्चों को हाईकोर्ट में जाकर शिक्षा सेवाएं मांगनी पड़ती हैं। इसके बावजूद बालू जैसे बड़े गांव में स्कूलों में अध्यापक तो अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है। एक सरकारी कॉलेज बनाने का ऐलान किया था। आज तक वह भी ठीक ढंग से चालू नहीं हो पाया। बच्चों को स्कूली व उच्च शिक्षा के लिए कैथल व जींद और नरवाना तक धक्के खाने पड़ते हैं। पेयजल के लिए संकट बना हुआ है। चौटाला आज कलायत, बाता, नरवलगढ़, ब्राह्मणीवाला, चंदाना, नरड़, सेगा, हरसौला, सिसमौर, सिसला, खेड़ी शेररू, जाखौली, राजौंद, बीरबागड़, रोहेड़ा, किठाना व खेड़ी संदल गांवों में ग्रामीणों से अपने पक्ष में वोट की अपील कर रहे थे। युवा नेता ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का जुमलेबाजी के अलावा जमीनी हकीकत की ओर कोई ध्यान नहीं हैं। मेरी गांव की बहन बेटियों को बसों के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अधिकतर बेटियों की पढ़ाई केवल और केवल इसीलिए बंद हो जाती है कि उनके गांव के आस-पास शिक्षा की सुविधा नहीं हैं। दूसरे शहरों में आने-जाने के लिए उन्हें बसें नहीं मिलतीं। ऐसे मेें सरकार हवाई सपने जरूर दिखा रही है। वे सांसद बनने के बाद पूरे क्षेत्र में पेयजल, सड़क, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी योजनाओं को क्रियान्वित कर लोगों के जीवन को आसान बनाएंगे। चौटाला ने कहा कि भाजपा का जगह-जगह विरोध हो रहा है। भाजपा के नेताओं का जो विरोध हो रहा है, उससे स्पष्ट है कि पांच साल में इन्होंने किसानों, व्यापारियों के कोई काम नहीं किए।