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फाई कर्मचारियों के हड़ताल के बीच सफाई ठेकेदार को 60000 रुपये का जुर्माना

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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सफाई ठेकेदार पर 60 हजार रुपये का जुर्माना
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- तीन दिन से हड़ताल पर बैठे हैं सफाई कर्मचारी, डोर टू डोर कचरे का नहीं हो पा रहा है उठान, लोग परेशान
वीरवार से काम पर लौटेंगे कर्मचारी
फोटो नंबर-05
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर पालिका कर्मचारी संघ की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण शहर से डोर टू डोर कचरे का उठान नहीं हो पाया। जिस कारण ठेकेदार को 60 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। वहीं कर्मचारी वीरवार को हड़ताल खत्म करके काम पर लौट आएंगे। इसके बाद ही लोगों को राहत मिलेगी। तीन दिनों से उठान न होने के कारण शहर में कई जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं।
पिछले तीन दिनों से घरों में बंद है डोर टू डोर कचरा उठान का कार्य : सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पिछले तीन दिन से शहर के सभी 31 वार्डों में प्रत्येक घरों में से डोर टू डोर के तहत उठाए जाने वाले कचरा नहीं उठाया गया है। जिससे लोगों को हो रही भारी परेशानी के चलते नगर परिषद की ओर से ठेकेदार को नोटिस देकर जुर्माना भरने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही नोटिस में कचरा उठान न होने का ठेकेदार से जवाब मांगा गया है।
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तीन दिन से हड़ताल पर बैठे हैं सफाई कर्मचारी : वहीं नगर परिषद परिसर में नगर पालिका कर्मचारी संघ की ओर से हड़ताल के दौरान धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान 300 से अधिक सफाई कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए और उन्होंने नगर परिषद व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता सफाई कर्मचारी संघ के ब्लाक प्रधान रामशरण कल्याण ने की। सफाई कर्मचारियों ने धरने पर नारेबाजी के दौरान नप की चेयरपर्सन प्रतिनिधि व नप प्रशासन पर चहेतों लोगों को सफाई के काम पर रख हटाए गए 140 सफाई कर्मचारियों को एडजस्ट न करने का भी आरोप लगाया। धरने में उप प्रधान राजेंद्र टांक, विक्की टांक सहित अन्य सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारी नेता रामशरण कल्याण ने बताया कि वीरवार से कर्मचारी काम पर लौट आएंगे।
ठेकेदार को दिया 60 हजार जुर्माने का नोटिस दिया : ईओ नगर परिषद अशोक हुरिया ने कहा कि शहर में कचरे का उठान होने पर ठेकेदार को नोटिस देकर उसमें जुर्माने का प्रावधान करके जवाब मांगा गया है। उसे 60 हजार रुपये जुर्माने का नोटिस जारी किया गया है।
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ठेकेदार मोहन ने कहा कि हम अपना काम हड़ताल के दौरान नियमित रूप से कर रहा था। हड़ताली कर्मचारियों ने उन पर दबाव बनाकर वाहनों को रुकवा दिया। कुछ समय के लिए काम रोका है। जो जुर्माना लगाया जा रहा है, वह बेवजह थोपा जा रहा है। जबकि कचरा उठान में मेरी ओर से कोई कमी नहीं है।
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