बरोट के निकट 20-25 युवकों ने कार सवार पर फायरिंग और मारपीट कर 12 लाख रुपये लूटे, कार में लगाई आग
शनिवार रात की घटना, एक राइस मिल में कार्यरत युवक नकदी लेकर जा रहा था घर
पुलिस ने पांच युवकों सहित 10-15 अन्य के खिलाफ लूट के आरोप में दर्ज किया केस
अमर उजाला ब्यूरो
ढांड (कैथल)। गांव बंदराना में लगभग 20-25 युवकों ने राइस मिल में नौकरी करने वाले युवक की गाड़ी रोककर फायरिंग व मारपीट करते हुए 12 लाख रुपये लूट लिए और बाद में उसकी कार में आग लगा दी। देर रात हुई वारदात के बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने पूर्व में दोनों पक्षों के युवकों में हुई मारपीट की रंजिश में वारदात अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है।
ढांड पुलिस को दी शिकायत में विपिन पुत्र रोशन निवासी ढांड ने बताया कि वह विष्णु राइस मिल कैथल में नौकरी करता है। 8 फरवरी को सुमित निवासी बरोट ने फोन कर उससे कहा कि शाम को घर जाते समय उससे 12 लाख रुपये, जसमेर को उसकी प्लाट की राशि, देने के लिए लेते जाना। जब वह और नायब सिंह खेड़ी रायवाली बरोट से 12 लाख रुपये लेकर जा रहे थे तो बंदराना स्कूल के पास 20-25 लड़के हाथों में लाठी गंड़ासे लिए हुुए खड़े थे। उन्होंने गाड़ी का रास्ता रोककर हमला कर दिया। वह जान बचाकर भागने लगा तो एक लड़के ने कट्टे से उस पर गोली चला दी। जान बचाने के चक्कर में मैं वहीं रुक गया तो उन्होंने मेरे हाथ से रुपयों से भरा बैग छीन लिया। विपिन का कहना है कि उसने सहायता के लिए 100 नंबर पर डायल किया। पुलिस ने मौके पर आकर मुआयना किया तो उस समय गाड़ी क्षतिग्रस्त थी। पुलिस के वहां से जाने के बाद जब वह अपने अन्य साथियों के साथ वहां कार देखने आया तो उन युवकों ने पेट्रोल डालकर उसकी गाड़ी में आग लगा दी।
आपसी रंजिश बताया लोगों ने मामला : वहीं संवाददाता द्वारा पूछने पर मौके पर मौजूद लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह आपसी रंजिश का मामला है। आरोपी बनाए गए युवकों के साथ सप्ताह भर पहले पीड़ितों ने किसी बात को लेकर लड़कियों के सरकारी स्कूल के सामने मार पिटाई की थी। जिसकी शिकायत ढांड थाने में दी गई। लेकिन ढांड पुलिस ने न तो मामला दर्ज किया और न ही कोई कार्रवाई की। जिसके कारण नौबत आज यहां तक पहुंची है।
जब पुलिस पहले पहुंच चुकी थी तो कार को कब्जे में क्यों नहीं लिया : मौके पर लोगों ने इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब 100 नंबर पर डायल करने के बाद ढांड पुलिस मौके पर पहुंच गई थी तो उसने लूट जैसी इतनी बड़ी वारदात के बाद भी गाड़ी को अपने कब्जे में क्यों नहीं लिया? अगर पुलिस उसी समय गाड़ी को अपने कब्जे में ले लेती तो गाड़ी को आग ही नहीं लगती। ग्रामीणों को संदेह है कि कहीं न कहीं इस मामले में किसी को फायदा पहुंचाने के लिए पुलिस ने जानबूझ कर गाड़ी को आग लगाने के लिए लावारिस छोड़ा।
ढांड थाना प्रभारी शिवकुमार का कहना है कि विपिन पुत्र रोशन ढांड की शिकायत पर जोनी, रघबीर, प्रदीप, लवेश, राजू, रोहित निवासी बंदराना सहित 10-15 अन्य के खिलाफ 12 लाख रुपये लूट का मामला दर्ज किया गया है। मामले की तहकीकात की जा रही है। बंदराना के सरपंच से इस सिलसिले में बातचीत करने पर कुछ रहस्य मालूम हुए हैं। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। मामले की गहराई से जांच की जाएगी। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो तनाव की स्थिति काबू करने के प्रयास में जुट गए और क्रेन लेने के लिए पुलिस कर्मचारी चले गए, बाद में कार में आग लगा दी गई।