400 से अधिक बाइक, 60 कारें बिकीं, बर्तन, आभूषण व ऑटोमोबाइल में रही चांदी, कपड़ा व इलेक्ट्रॉनिक्स में मंदा
- धनतेरस पर बाजारों में बरसा धन, इलेक्ट्रॉनिक सामान में भी भारी छूट देकर लोगों को लुभाते दिखे दुकानदार दिखा बाजार
-धरतेरस के दिन 18 से 20 करोड़ का कारोबार
फोटो नंबर-32 से 35
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। धनतेरस पर सोमवार को बाजारों में खूब धन बरसा। बर्तन, आभूषण व ऑटोमोबाइल में खूब ग्राहकी दिखी। लेकिन कपड़ा व इलेक्ट्रॉनिक्स में पिछले साल की तुलना में मंदा दिखा। दिन भर बाजारों में जाम की स्थिति रही। पुलिस द्वारा जाम खुलवाने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी। लेकिन भीड़ के चलते लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें हुईं।
शहर में मेन बाजार, सर्राफा बाजार, तलाई बाजार, रेलवे गेट, छात्रावास रोड, भगत सिंह चौक, कबूतर चौक के आस-पास के बाजारों में दिन भर खरीदारी करने लोगों की भीड़ उमड़ी रही। रेलवे गेट पर दिन भर जाम की स्थिति से लोग परेशान रहे। यहां पुलिस कर्मचारियों को जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
400 से ज्यादा बाइक व 60 से अधिक कारें बिकीं : एक मोटरसाइकिल एजेंसी संचालक गुरचरण सिंह ने बताया कि अकेली उनकी एजेंसी में सोमवार को 160 बाइक बिकी हैं। इसके अलावा अन्य एजेंसियों में भी बाइक बिकी हैं। इसी तरह से पूरे जिले में करीब 400 बाइक बिकने की सूचनाएं हैं। एक कार एजेंसी में मैनेजर शेफाली ने बताया कि उनके शोरूम से कुल 31 कारों की सेल हुई है। इसी तरह से शहर में स्थित अन्य एजेंसियों में भी कारों की बिक्री हुई है। अकेले ऑटोमोबाइल में अनुमानत : 5 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है।
आभूषण में 7 से 8 करोड़ का कारोबार : जिले भर में आभूषणों की खूब बिक्री हुई है। धनतेरस के दिन आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। अरुण सर्राफ ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस बार काम काफी ठीक रहा। लोगों ने खरीदारी की है। दूसरी ओर कैथल सहित पूंडरी, गुहला-चीका, कलायत व राजौंद में भी लोगों ने जमकर खरीदारी की है। अनुमान लगाया जा रहा है कि आभूषण में भी 7 से 8 करोड़ का कारोबार हुआ है।
बर्तनों की दुकान पर उमड़ी रही देर रात तक भीड़ : धन तेरस के दिन बर्तन खरीदना भी लोग शुभ मानते हैं। यही कारण है कि बर्तनों की दुकानों पर भीड़ उमड़ी रही। यहां रेलवे गेट, मेन बाजार सहित छात्रावास रोड पर स्थित दुकानों में लोगों ने जमकर खरीदारी की। देर रात तक बर्तनों की दुकान पर खरीदारी करने वाले लोगों की भीड़ उमड़ी रही। दुकानदारों ने कहा कि अनुमानत: राशि नहीं बताई जा सकती। लेकिन जिले भर का अनुमान लगाया जाए तो बर्तनों का डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक का कारोबार हुआ है।
इसके अलावा उपहारों, मिठाइयों व इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ उमड़ी रहीं। हालांकि कपड़ा व इलेक्ट्रॉनिक्स में मंदा बताया जा रहा है। लेकिन औसत व्यापार तो धनतेरस पर इन क्षेत्रों में भी हुआ। इलेक्ट्रॉनिक सामान के व्यापारी हरीश कालड़ा ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग ने इलेक्ट्रॉनिक बाजार का काफी मंदा किया है। कपड़ा मार्केट के प्रधान रमेश डामला ने बताया कि पिछली दिवाली की अपेक्षा इस बार काम मंदा है। लोग कपड़ा खरीदने में अधिक रुचित नहीं दिखा रहे।
उधर, कलायत में भी धनतेरस के अवसर पर बाजार पूरी तरह से आबाद रहे। लोगों ने इस मौके पर जम कर खरीदारी की। हालांकि आसमान को छू रहे सोने के दामों के कारण ग्राहक केवल चांदी की खरीदारी तक ही सीमित रहे। इस मौके पर बर्तनों की दुकानों पर भी भारी भीड़ नजर आई। पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धन्वन्तरि का जन्म हुआ था। इसलिए इस तिथि को धनतेरस या धन त्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की भी प्रथा है।