रोडवेज हड़ताल में तीसरे दिन चक्का जाम
एक भी कर्मचारी ने नहीं चलाई बस, कार्यालय व वर्कशॉप के कर्मचारी भी समर्थन में आए
आज से स्कूल, कॉलेजों व निजी बसों की मदद से रोडवेज के परमिट वाले रूटों पर चलाएगी सरकार
सुबह 23 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया, रात को 82 के खिलाफ दर्ज किया था एस्मा के तहत मामला
दिन भर भटकते रहे यात्री, निजी बसों का सहारा लिया
कर्मचारियों व सरकार के बीच टकराव बढ़ा, सुलह के आसार कम
कैथल पहुंचे मंत्री कर्णदेव कंबोज दो टूक कहा-किसी भी कीमत पर वापिस नहीं होगी निजी परमिट पॉलिसी
फोटो संख्या-1 से 10, 14 व 15
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के तीसरे दिन चक्का जाम पूर्ण रूप से सफल रहा। एक भी कर्मचारी बस चलाने के लिए नहीं आया। दूसरे विभागों के कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों के माध्यम से विभाग द्वारा 16 बसें चलाने का दावा किया गया है। बुधवार रात को गिरफ्तार किए गए 59 व वीरवार सुबह गिरफ्तार किए गए 23 कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने एस्मा के तहत केस दर्ज कर लिया है। वहीं करीब 150 से अधिक दूसरे विभागों के कर्मचारियों व समाजसेवी संगठनों के लोगों ने वीरवार को नारेबाजी कर गिरफ्तारी दी।
मंगलवार से शुरू हुई हड़ताल वीरवार सुबह भी जारी रही। सरकार द्वारा बुधवार को कर्मचारियों की गिरफ्तारी व अन्य कार्रवाई के विरोध स्वरूप जो थोड़े बहुत कर्मचारी बस संचालन के लिए आ रहे थे, वीरवार को वे भी नहीं आए। सुबह 5 बजे जीएम रोडवेज कुछ अधिकारियों के साथ बस अड्डे पर कर्मचारियों का इंतजार करते रहे। लेकिन कोई कर्मचारी बस संचालन के लिए नहीं आया।
इसके बाद सुबह करीब 9 बजे सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा सीटू व अन्य जन संगठनों के आह्वान पर हरियाणा रोडवेज की हड़ताल के समर्थन में व सरकार की तानाशाही के विरोध में हनुमान वाटिका कैथल में सैकड़ों कर्मचारी मजदूर किसान व छात्र इकट्ठा हुए। अध्यक्षता जिला संगठन सचिव ओम पाल बहाल व महासंघ के उप प्रधान कर्म चंद मालिक ने की व संचालन सीटू जिला सचिव अशोक शर्मा, बलवान कुंडू व सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव जरनैल सिंह, शिवचरण, कुलभूषण शर्मा, शकुंतला, रोडवेज नेता रणबीर बालू, रामफल शिमला, राजबीर भाना, ज्ञान चंद राठी, राम चरण शर्मा, महिपाल राणा, पवन सांभली, बिजली कर्मचारी नेता सतबीर सैनी, सुरेश शर्मा, मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के नेता राज कुमार चहल, रघुबीर सिंह, शिव दत्त शर्मा सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे। यहां से पुलिस उन्हें बसों में भर कर पुलिस लाइन ले गई। जहां से उन्हें गिरफ्तारी के बाद रिहा कर दिया।
बाद दोपहर जीएम रोडवेज रामकुमार ने पुलिस कर्मियों की मदद से बसें संचालित करवाई। कई पुलिस कर्मचारी बस चलाकर विभिन्न रूटों पर ले गए।
जीएम रोडवेज रामकुमार ने बताया कि 16 बसें संचालित की जा चुकी हैं। इसके अलावा अधिकतर चालक व परिचालक काम पर नहीं आए।
डीएसपी रामकुमार ने बताया कि पुलिस ने 59 कर्मचारियों को बुधवार रात को व 23 कर्मचारियों को सुबह गिरफ्तार किया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया। इन सभी के खिलाफ एस्मा के तहत केस दर्ज किया गया है। बसें चलाई जारही हैं। सरकार के आदेशानुसार शुक्रवार से स्कूल, कॉलेजों व दूसरे विभागों की निजी बसों को रोडवेज के रुटों पर चलाकर त्यौहारी सीजन में लोगों को राहत दी जाएगी।
सख्ती से निपटेगी सरकार-कंबोज
कैथल। राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी बेवजह हड़ताल पर हैं। त्योहारी सीजन में जनता को परेशानी हो रही है। सरकार इनसे सख्ती से निपटेगी। नए बच्चों को रोजगार दिया जाएगा। प्रदेश में आवश्यक 12000 बसों की जरुरत पूरी होने तक 700 निजी बसों से परेशानी को कुछ कम करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे रोडवेज को 5 रुपये प्रति किलोमीटर का लाभ होगा। सरकार द्वारा विभाग का निजीकरण नहीं किया जा रहा है।