फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान यूनियन का आरोप, अनाज मंडी में किसानों से चुंगी के नाम पर हो रही है वसूली

विज्ञापन
विज्ञापन
अनाज मंडी में किसानों से चुंगी के नाम पर हो रही है वसूली
विज्ञापन

किसान यूनियन ने लगाया आरोप, भाकियू प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने किया मंडी का दौरा, किसानों की समस्याएं सुनीं
फोटो नंबर-34 व 35
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी ने शनिवार को यूनियन के अन्य पदाधिकारियों के साथ अनाज मंडी का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनी। इस दौरान चढूनी ने किसानों के समक्ष आ रही चुंगी के नाम पर हो रही वसूली की विस्तार से जानकारी ली।
चढुनी ने बताया कि कैथल की अनाज मंडी में किसानों को जमकर लूटा जा रहा है। इसी मामले में वे अपने गुट के सदस्यों के साथ मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू से मिले और दो दिनों के अंदर समस्या हल करने के बारे में कहा। उनके साथ होशियार सिंह प्योदा, चंद्र भान नरड, सुरेश नरड, जसविंद्र हरसोला, गुरमीत पिसोल, राम कुमार, ऋषि, हरभजन सिंह, कृष्ण, मनोज अटेला, सूबे सिंह भागल आदि अनेक किसान मौजूद थे। उन्होंने बताया कि किसानों की धान सरकारी समर्थन मूल्य पर न खरीद कर काफी कम मूल्य पर खरीदा जा रहा है। आढ़ती के द्वारा किसी भी किसान की ढेरी पर उसमें नमी की मात्रा की स्लिप नहीं लगी हुई है। उन्होंने कमेटी सचिव से कहा कि वे मंडी के सभी आढ़तियों को आदेश दे कि वे किसान की प्रत्येक धान की ढेरी पर उसमें नमी की मात्रा देख कर ढेरी पर बोर्ड या स्लिप लगाएं। मंडी के अंदर किसानों की धान की ढेरियों में से चुंगी व सफाई के नाम पर बरसाई के कुछ फसल दी जाती है, जो गलत है। यह कार्य तत्काल बंद हो। प्रत्येक आढ़ती अपने नमी मापक यंत्र रखे और उसी हिसाब से किसानों की फसल को बेचे।
विज्ञापन

इसके बाद उन्होंने मंडी में कमेटी के अधिकारियों के साथ बिकी फसल की ढेरियों के रेट जाने। एक ढेरी को छोड़ कर बाकी में लगे नमी कट सही पाए गए। केवल बिशन सिंह एंड संस की दुकान पर कुलवंत सिंह खेड़ी गुलाम अली की एक ढेरी 1630 रुपये बिकी हुई थी, जबकि उसमें नमी 23 प्रतिशत पाई गई। इस पर उसने हिसाब लगाया कि सरकार द्वारा निर्धारित 17 प्रतिशत से 6 प्रतिशत नमी ज्यादा है। इसमें 18 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 108 रुपये प्रति क्विंटल का कट लग कर 1662 रुपये पति क्विंटल बिकनी चाहिए थी। इस प्रकार से यह ढेरी 32 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। इस पर चढुनी ने कमेटी सचिव व चेयरमैन के सामने कमेटी के प्रांगण में खरीद एजेंसियों के अधिकारियों से पूछा कि क्या उन्होंने उनके द्वारा नियुक्त खरीद वाले राइस मिलों के द्वारा खरीद की गई धान के दाम व नमी चैक की, तो वे इंकार करते हुए बगले झांकने लगे।
किसानों से भी की अपील : इस अवसर पर उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल साफ करके, सुखाकर कर लाये। ताकी उनको बेचने में परेशानी ने हो।
बाहर की धान लाकर जे फार्म काटने का आरोप : भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कुछ आढ़ती बाहर से धान लाकर उसका फर्जी जे फार्म काट रहे हैं और उसे सरकार की खरीद में लिखवाया जा रहा है। जो फर्जीवाड़ा है। इसकी जांच होनी चाहिए।
इस संबंध में अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मित्तल ने कहा कि ऐसा कोई काम नहीं हो रहा। बाहर से कोई धान नहीं लाई जा रही। प्रशासन इस बात की जांच कर सकता है।
विज्ञापन


किसान संघ ने लगाया धान खरीद में धांधली का आरोप
पूंडरी। भारतीय किसान संघ कैथल की बैठक किसान भवन पूंडरी में हुई। बैठक में चर्चा हुई कि भारत सरकार ने जो किसानों की धान का लागत मूल्य घोषित किया था, उसके हिसाब से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। भारतीय किसान संघ ने किसानों के साथ धान खरीद में हो रही धांधली की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम पूंडरी तहसीलदार सुरेश कुमार को एक ज्ञापन सौंपा। बैठक में मुख्य रूप से भारतीय किसान संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष व सचिव रणदीप आर्य फरल व खंड पूंडरी अध्यक्ष दीपक वालिया, रामदिया मोहना, रिसाल सिंह ,बलजीत सिंह, बलवीर सिंह, लखविंदर हाबड़ी, राजबीर, सुरेश कुमार, जिले सिंह सूरजभान सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें