मुख्यमंत्री ने दिए डीसी को निर्देश, सेना के अधिकारियों के साथ तालमेल कर शीघ्र दी जाए शहीद के परिजनों को राशि
- शहीद राजेश पूनिया के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का मामला
- डीसी ने एक अधिकारी को भेजा सेना मुख्यालय, सेना की ओर से जारी होने वाले पत्र के जारी होने में देरी की पड़ताल की
फोटो संख्या-42
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहीद राजेश पूनिया की शहादत के बाद उसके परिजनों को आर्थिक सहायता न मिलने की अमर उजाला की खबर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने कैथल डीसी को निर्देश दिए हैं कि सेना के अधिकारियों से तालमेल कर शीघ्र ही शहीद के परिजनों को आर्थिक मदद दी जाए। वहीं डीसी के निर्देशानुसार एक अधिकारी ने मंगलवार को दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय जाकर इस संबंध में पड़ताल भी शुरू कर दी है। वहीं पूर्व सैनिक समिति भी शहीद के परिजनों के समर्थन में आ गई है। समिति के पदाधिकारी मंगलवार को राजेश पूनिया के भाई व पिता के साथ डीसी से मिले और आर्थिक सहायता दिलवाने की मांग की।
विदित रहे कि गत 18 अगस्त को शहीद हुए राजेश पूनिया की शहादत के बाद उसके परिजनों को सरकार द्वारा दी जाने वाली 50 लाख रुपये की मदद नहीं मिली है। उसका परिवार मुफलिसी में जीवन गुजर बसर कर रहा है। उसकी मां कृष्णा देवी बीमार हैं और इलाज के लिए भी मोहताज हैं। अमर उजाला ने इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डीसी कैथल को निर्देश जारी किए।
डीसी से मिले शहीद के पिता व भाई : मंगलवार शाम पूर्व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष कैप्टन नर सिंह ढुल व अन्य पदाधिकारियों के साथ शहीद राजेश के भाई रामपाल व पिता डीसी धर्मवीर सिंह ने मिले और सहायता राशि दिलवाने की मांग की। साथ ही उसके भाई को सरकारी नौकरी की बात भी रखी। डीसी ने बताया कि शहीद राजेश की मौत सीधी लड़ाई में नहीं बल्कि ड्यूटी के दौरान हुई थी। उन्होंने पता करवाया है कि उसके मामले में आवश्यक इंक्वायरी जारी है। यह पूरी होते ही 15 से 20 दिनों तक वहां से पत्र जारी होगा। इसके बाद यह सहायता राशि जारी कर दी जाएगी। उन्होंने शहीद के भाई को सरकारी नौकरी दिलवाने का भी आश्वासन दिया।
शहीद के परिजनों के साथ डीसी से मिलने गए भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर ने भी कहा कि सरकार या प्रशासन की ओर से मदद दिलवाए जाने में कोई देरी नहीं हैं। जैसे ही कागजी कार्रवाई पूरी होती है, उसी समय शहीद के परिजनों को मदद दे दी जाएगी। उन्होंने प्रशासन से भी आग्रह किया कि जिलास्तर से किसी तरह की कागजी कार्रवाई में देरी न हो।
डीसी धर्मवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों को शीघ्र सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए हैं। सेना मुख्यालय से एक पत्र जारी होना है। इस पत्र के जारी होते ही राजेश के परिजनों को सहायता राशि जारी कर दी जाएगी। उन्होंने एक अधिकारी को सेना मुख्यालय भी भेजा है। जो वहां इस मामले की पड़ताल कर कार्रवाई आगे बढ़ा सके।