मानदेय न मिलने पर आंगनबाड़ी वर्करों ने दिया धरना
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आंगनबाड़ी वर्कर व हैल्पर यूनियन ने मानदेय न मिलने पर मंगलवार को लघु सचिवालय में धरना दिया। जिसकी अध्यक्षता जिला कमला दयौरा ने की। उन्होंने बताया कि आठ महीनों से हमारा मानदेय और सैंटरों को किराया बकाया है। वर्करों को अपनी जेब से सैंटर सजाने, शौचालय बनवाने पर मजबूर किया जाता है। यूनियन द्वारा 21 अगस्त को एक ज्ञापन सीटीएम विजेंद्र हुड्डा को सौंपा गया और पीओ रेणू पसरीजा ने आश्वसन दिया था कि एक सितंबर तक सभी आंगनबाड़ी वर्करों को मानदेय दिया जाएगा। परंतु समय बीत जाने के बाद कोई कारवाई नहीं हुई। जिसके विरोध में मंगलवार को पहले दिन धरना दिया गया। आंगनबाड़ी वर्करों की सीडीपीओ अनिता और पीओ रेणू पसरीजा के साथ नौंक झौंक हुई।
सीडीपीओ ने कहा कि मई, जून का मानदेय आपको आज शाम तक मिल जाएगा। परंतु जिला प्रधान कमला दयौरा ने कहा कि हमारा आठ महीने का मानदेय दिया जाए। सीडीपीओ ने कहा कि मैंने 6 अगस्त को डयूटी ज्वाईन की है। कमला दयौरा ने कहा कि हमें नहीं पता आने से पहले भी कई सीडीपीओ आए और चले गए। परंतु हमारी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। सीडीपीओ ने कहा कि मै आपका दो महीने का मानदेय तीन दिन दिलवा दूंगी। आंगनबाड़ी वर्करों ने कहा कि हमारा धरना तीन दिन तक चलेगा। जैसे ही हमारे खाते में पैसे आ जाएगें, उसके बाद ही धरना समाप्त होगा। कमला दयौरा ने कहा कि यदि हमारा मानदेय नहीं दिया गया तो सभी सैंटरो को ताला लगाकर चाबी विभाग की छत पर फैंक दी जाएगी। यदि उनका मानदेय मिल जाता है तो उसके बाद ही विभाग की छत से चाबी लेकर सैंटरों के ताले खोलेगी। यदि चाबी नहीं मिली तो सैंटरों के ताले तोड़े जाएगें। कड़ा गया ओ बचीलो सीटीएम जो हमारा समझौता करवावै था। उसके कैण पर एक तारीख तक डटे थे। अब कढ़े ओ गया। सीडीपीओ अनीता ने आंगनबाड़ी वर्करों को आश्वसन दिया कि दो महीने को मानदेय शाम तक उनके खाते में डाल दिया जाएगा। परंतु आंगनबाड़ी वर्कर इस बात पर अड़ गई कि उनको तो पूरे आठ महीने को मानदेय दिया जाए। सीडीपीओ ने आश्वसन दिया कि इसके लिए तीन दिन का समय लगेगा। आंगनबाड़ी वर्करों ने कहा कि उनके द्वारा भी तीन दिन तक धरना दिया जाएगा। जब तक उनका मानदेय नही मिल जाता। इस मौके पर रामकली नौच, संतोष, सुनीता, कविता, राजदुलारी, सुनीता, रोशनी आदि मौजूद रहे।