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बाता में सीएम से ना मिलने पर कार्यकर्ताओं ने सीएम के सामने जताई नाराजगी

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बात्ता में सीएम से ना मिलने पर कार्यकर्ताओं ने सीएम के सामने जताई नाराजगी
रोष जताने पर बोले मुख्यमंत्री, राजनीति करने की जरूरत नहीं, मेहनत करें

फोटो संख्या-31
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कनेक्ट टू पीपल कार्यक्रम में कई भाजपा नेताओं के साथ धक्का-मुक्की हुई। तीनों गांवों में सीएम के साथ चुन्निंदा नेता ही अंदर जा सके। जिस कारण बाहर रह गए नेताओं व लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में भी सीएम से ना मिलने देने के कारण कई कार्यकर्ताओं को मायूसी हाथ लगी। गांव बात्ता में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के सामने ही रोष प्रकट किया तो सीएम बोले राजनीति करने की जरूरत नहीं हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर गांव क्योड़क में सुरेश वाल्मीकि के घर पहुंचे तो यहां घर के अंदर चुन्निंदा लोगों को ही जाने दिया गया। भाजपा के जिले भर से आए नेता घर के बाहर ही मिले। घर के बाहर माइक लगा था, लेकिन सीएम ने संबोधन नहीं दिया। इसके बाद सीएम लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में पहुंचे। जहां मुख्य कार्यकर्ताओं को ही रेस्टहाउस के अंदर जाने दिया गया। अंदर भी मुख्य कार्यकर्ता सीएम से मिलने के लिए कमरे में जाने का प्रयास करने लगे तो सिक्योरिटी कर्मचारियों के साथ उनकी जमकर धक्का-मुक्की हुई। एक बुजुर्ग कार्यकर्ता के साथ तो जोरदार धक्का-मुक्की हुई। बाद में उक्त कार्यकर्ता ने रोष प्रकट किया और कहा कि वे सीएम से मिलने आए हैं। भाजपा की नींव हैं। लेकिन उन्हें ही सीएम से नहीं मिलने दिया जाता। जो गलत है। यहां एक महिला कार्यकर्ता ने भी रोष प्रकट किया, बाद में उन्हें अंदर बुला लिया गया।
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इसके बाद गांव बात्ता में आनंद राणा के घर पर भी चुन्निंदा कार्यकर्ता अंदर गए। जब सीएम यहां करीब 13 मिनट बाद बाहर निकले तो बाहर खड़े सुखपाल राणा, मंडल उपाध्यक्ष शमशेर सिंह, किसान नेता चंद्रपाल ने कहा कि जिले के भाजपा नेताओं ने उनकी अनदेखी की है। सीएम से मिलने नहीं दिया। इस पर सीएम ने उन्हें कहा कि भीड़ में राजनीति करने की जरूरत नहीं है। सीएम ने एक पल के लिए उनकी बात सुनीं और बाद में गाड़ी में बैठकर निकल गए। बाद में इन कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें सीएम से नहीं मिलने दिया गया, जबकि जमीन स्तर पर वे 20 सालों से पार्टी के लिए बूथ पर संघर्ष कर रहे हैं।
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इससे पूर्व घर के अंदर गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। वहीं पगड़ी पहनाकर उनका सम्मान किया।
कड़ी सुरक्षा के बीच कटी जेब:-
गांव बात्ता में आनंद राणा के घर के बाहर कड़ी सुरक्षा थी। जहां पहुंचे पितांबर राणा की जेब कट गई। उन्होंने कहा कि जेब में करीब सात-आठ हजार रुपये थे। इस बात की सूचना मिलते ही सुरक्षा कर्मी अलर्ट हो गए और कार्यक्रम से लोगों को हटाते नजर आए।
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