फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौ दिन से हड़ताल कर रहे 277 कर्मचारियों को किया बर्खास्त

विज्ञापन
विज्ञापन
नौ दिन से हड़ताल कर रहे 277 कर्मचारियों को किया बर्खास्त
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पिछले दस दिनों से हड़ताल कर रहे नेशनल हेल्थ मिशन के 277 कर्मचारियों को नौ दिन की हड़ताल के बाद बर्खास्त कर दिया गया। बुधवार शाम इस संबंध में नोटिस जारी कर दिए गए। बर्खास्त किए जाने वाले कर्मचारियों में जिला प्रोजेक्ट मैनेजर सहित एंबुलेंस के 57 व 103 एनएम भी शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बर्खास्तगी संबंधी कोई नोटिस नहीं मिला है। वहीं जिला अस्पताल परिसर के एरिया में लगाई गई धारा 144 बेअसर दिखी। कर्मचारियों ने अस्पताल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और लगातार नौंवे दिन हड़ताल की।
कर्मचारियों को मंगलवार को आठवें दिन की हड़ताल के बाद 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था कि वे बुधवार दोपहर तक काम पर नहीं लौटे तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा। इसके बाद दोपहर तक विभागीय अधिकारियों ने कर्मचारियों के लौटने का इंतजार किया। लेकिन जब कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो 277 कर्मचारियों को बर्खास्त करने का फैसला ले लिया गया। हटाए गए कर्मचारियों में जिला प्रोजैक्ट मैनेजर सहित कई बड़े अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं।
विज्ञापन

सीएमओ डा. अशोक चौधरी ने कहा कि हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को मंगलवार दोपहर बाद 24 घंटे तक काम पर वापिस लौटने का नोटिस दिया गया था। जिसके बाद वे बुधवार शाम तक भी काम पर नहीं लौटे। विभाग ने कारवाई करके 277 एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
बेअसर रही धारा 144 : जिलाधीश सुनीता वर्मा ने सरकारी स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों के दो किलोमीटर की परिधि में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंड प्रक्रिया नियमावली की धारा 144 लागू कर दी। जिसमें यहां अलावा पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने तथा हथियार आदि लेकर चलने पर तुरंत प्रभाव से पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन धारा 144 धारा बेअसर रही। इस दौरान सभी एनएचएम कर्मचारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट करते दिखाई दिए।

हड़ताल से चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं : एनएचएम कर्मचारियों की पिछले 10 दिनों से चल रही हड़ताल के बाद से पूरे जिला में स्वास्थ्य की सेवाएं प्रभावित हुई है। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को झेलनी पड़ रही है। यहां पर टीकाकरण जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं बिल्कुल ठप हो चुकी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को एंबुलेंस सेवाएं नहीं मिल पा रही है। जिस कारण उन्हें अधिक रुपयों को खर्च करके प्राइवेट वाहनों में अस्पताल में पहुंचनी पड़ रहा है।

टीकाकरण का काम ठप, हजारों बच्चों को नहीं लग पाए टीके : बुधवार को जिले भर में बच्चों को टीकाकरण का दिन था। सभी स्वास्थ्य केंद्रों व उप-केेंद्रों पर बच्चों को टीके लगाए जाते हैं। जिला अस्पताल में तो नियमित स्टाफ कर्मचारियों ने काम संभाल लिया। लेकिन सेंटरों पर काम नहीं हो पाया। जिले भर में 100 से भी अधिक सेंटर व सब-सेंटर हैं। जहां हजारों बच्चों को टीके नहीं लग पाए। लोग सेंटरों से मायूस होकर वापस लौटने पर मजबूर हैं। डा. नीलम कक्कड़ ने भी स्वीकारा कि हड़ताल से सेंटरों में टीकाकरण प्रभावित हुआ है। लेकिन प्रयास किया जा रहा है कि किसी तरह स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को मिलती रहें।

इनकी सेवाएं की समाप्त :
पद संख्या
डीपीएम 01
डीईएमओ 01
डेक 01
ड्राईवर 29
ईएमटी 23
फार्मास्टि 06
स्टाफ नर्स 18
एएनएम 103
लैब टेक्निशियन 02
अन्य कलेरिक्ल स्टाफ 94
कुल जोड़ 277

संघर्ष रहेगा जारी : वहीं कार्रवाई पर एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान नरेंद्र ने कहा कि वीरवार को सीएम ने एनएचएम कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के बुलाया है। अभी तक उनके पास विभाग की ओर से बर्खास्तगी के कोई आर्डर नहीं मिले है। जब तक सीएम उनके साथ बैठक कर उनकी समस्या का समाधान नहीं करेंगे तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
सुरजेवाला ने दिया एनएचएम कर्मचारियों को समर्थन : कांग्रेस अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कर्मचारियों की मांगों को एक महीने में पूर्ण करने का आश्वासन दिया था लेकिन उनकी मांगें 48 दिन बाद भी पूरी नहीं हो पाई हैं जिस कारण कर्मचारियों ने हड़ताल करने का निर्णय लिया। उन्हें नौकरी पर रखते हुए मांगें पूरी करने की बजाए बर्खास्त किया जा रहा है। जो निंदनीय ही नहीं बर्बर है। विधायक रणदीप सुरजेवाला की तरफ से उनके छोटे भाई व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुदीप सुरजेवाला समर्थन देने पहुंचे।
विज्ञापन


आज जिले भर के 200 से अधिक निजी अस्पताल रहेंगे बंद, इमरजेंसी सेवाएं भी होंगी ठप
आईएमए के प्रधान डा. विजय आर्य ने कहा कि सरकार द्वारा लागू किए जा रहे क्लीनिक एस्टाब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में जिले भर मेें निजी अस्पताल 15 दिसंबर को बंद रहेंगे। इस हड़ताल में इमरजेंसी सेवाओं से लेकर सभी तरह की सेवाएं ठप्प रहेंगी। सरकार इस एक्ट में ऐसे प्रावधान करने जा रही है कि अस्पताल चलाना मुश्किल हो जाएगा। एक तरह से डॉक्टर अपने अस्पताल बंद करने पर मजबूर हो जाएंगे। कुछ बड़े अस्पतालों की लापरवाही छोटे अस्पताल संचालक जो जनता की सेवा कर रहे हैं, उन्हें परेशान किया जाएगा। इंस्पेक्टरी राज लागू होगा। जिस कारण आईएमए द्वारा हड़ताल का निर्णय लिया गया है। सभी डॉक्टर अपने अस्पताल बंद रखकर पिहोवा चौक पर एकत्रित होंगे। जहां से प्रदर्शन करते हुए आईएमए कार्यालय तक आएंगे। इसके बाद सरकार के नाम ज्ञापन भी भेजा जाएग्रा।

टीकाकरण का काम हुआ प्रभावित, फील्ड एरिया में नहीं लग पाए बच्चों को टीके
जिला प्रोजेक्ट मैनेजर सहित 94 कलेरिक्ल स्टाफ सदस्यों को किया बर्खास्त
एंबुलेंस के 57 व 103 एएनएम की भी सेवाएं खत्म की
कर्मचारियों ने कहा-हमें नहीं मिला नोटिस
बेअसर दिखी अस्पताल परिसर के निकट लगाई गई धारा 144
फोटो नंबर-1 से 6
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें