बैंकों में हड़ताल से 250 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते जिले की करीब 193 बैंक ब्रांचों में हड़ताल रही और 250 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन प्रभावित हुआ। हड़ताल के चलते लोग बैंकों के बाहर से मायूस होकर लौटते नजर आए। बैंक कर्मचारी बैंकों के निजीकरण और विलय के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक की लघु सचिवालय के निकट स्थित शाखा के बाहर एकत्रित हुए। एसबीआई, एसए के क्षेत्रीय सचिव कृष्ण मिगलानी के नेतृत्व में धरना भी दिया गया। हड़ताल में केवल पांच प्राइवेट बैंकों को छोड़कर अन्य सभी बैंकों के कर्मचारियों ने अपना काम काज ठप रखा। जिससे बैंक संबधित कार्य के लिए बैंक पहुंचे लोगों को काफी परेशानियों को झेलना पड़ा। हड़ताल में जिलेभर में करीब 850 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
बैंकों में नहीं हो सका लेन देन, लोगों को परेशानी : हड़ताल के कारण बैंकों में लेनदेन नहीं हो सका। बैंकों में रोजाना लेनदेन करने वाले लोग ज्यादा परेशान रहे। करनाल रोड स्थित एसबीआई बैंक में पेंशन लेने के पहुंचे शहरवासी शिल्पा राम, बचना सिंह ने बताया कि वह मंगलवार की सुबह बैंक में अपनी पेंशन लेने के लिए आए थे। उन्हें हड़ताल की सूचना नहीं थी, जिस कारण काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। कर्मचारियों को हड़ताल से पहले आम जन को सूचना अवश्य देनी चाहिए ताकि उन्हें परेशानी न हो।
ये बैंक रहे हड़ताल में शामिल : हड़ताल कर रहे कर्मचारियों में एसबीआई, पीएनबी, विजया बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, ओबीसी व कार्पोरेशन बैंक सहित सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक कर्मचारी शामिल रहे।
यह है कर्मचारियों की मांगें : कर्मचारियों ने बैंकों में सभी पदों पर भर्ती करने, अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियां करने, बैंक के सर्विस चार्ज में वृद्धि की वापसी, एनपीए की सख्ती से वसूली नहीं करना, संसदीय समितियों की अनुशंसाओं को लागू करना, एफआरडीआई बिल वापस लेना, सभी वर्गों में समुचित भर्ती, बोर्ड-ब्यूरो को खत्म करना, बड़े बकायेदारों को अपराधी घोषित करना और जीएसटी का बोझ ग्राहकों पर नहीं डालना सहित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की। हड़ताल में शशी मंगला, रचना, सारिका, ममता रानी, महेश कुमार, जगदीश कुमार, सचिन, मुखत्यार सिंह व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।