मलिक के नेतृत्व में जाटों को 20 साल तक भी आरक्षण नहीं मिल सकता
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक वीरवार को हनुमान वाटिका में हुई। जिसकी अध्यक्षता कुड़ाराम कोयल ने की। भरत सिंह बैनीवाल व प्रधान जोगिंद्र कसान ने कहा कि जाट समाज ने अगर अधूरी मांग को जीतना है तो आंदोलन का नेतृत्व खुद करना होगा। यशपाल मलिक के नेतृत्व में प्रदेश के जाटों को आने वाले 20 साल तक भी आरक्षण नहीं मिल सकता। सही दिशा के बिना आंदोलन कभी सफल नहीं हो सकता। अगर यशपाल मलिक जाटों को ईमानदारी से आरक्षण दिलवाना चाहते हैं और समाज के हितैषी हैं तो उसको जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठ जाना चाहिए। अगर पुलिस प्रशासन ने देबवन कैंची धरने में गबन करने वालों आरोपियों के खिलाफ 30 जुलाई तक मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार नहीं किया तो समाज सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएगा। साधूराम कोलेखां व कर्म सिंह कादियान ने बताया कि संघर्ष समिति की प्रदेश स्तरीय बैठक 6 अगस्त को जाट भवन रोहतक में होगी। बैठक को मा. सुरजीत ढांडा, ओमप्रकाश ढुल,राजेंद्र ढुल, बलदेव सिंह, रणधीर प्यौदा, बलवान सिरटा, सतपाल सिंह, हजूर सिंह सहारण, विरेंद्र, संदीप बनवाला, महेंद्र सिंह व ईश्वर सिंह ने संबोधित किया।